कैराना/ऊन/शामली। प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर, टाइपिस्ट और अधिवक्ताओं की हड़ताल शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रही। शामली, कैराना और ऊन तहसीलों में हड़ताल के चलते रजिस्ट्री कार्य पूरी तरह ठप रहा, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम को हड़ताल समाप्ति की घोषणा की गई। सोमवार से रजिस्ट्री कार्य शुरू होगा।
कैराना में दस्तावेज लेखक, टाइपिस्ट और स्टांप वेंडर सब रजिस्ट्री कार्यालय पर धरने पर बैठे रहे। उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष चौधरी जतन सिंह ने कहा कि जब तक सरकार ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक संघ के कैराना शाखा महासचिव डॉ. संतरपाल, कोषाध्यक्ष सुशील कुमार, तस्लीम अहमद, जावेद अली, मुस्तफा, राजपाल, नदीम खान, मोहम्मद असलम, राजबाला वर्मा और मामचंद चौहान मौजूद रहे।
ऊन तहसील में बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने अपने चैंबर बंद रखे और कार्य से विरत रहकर विरोध प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण उप-निबंधक कार्यालय में कोई रजिस्ट्री नहीं हो सकी। प्रदर्शन में महासचिव सोनू कल्याण एडवोकेट, अनुज वशिष्ठ, नवीन, सुरेंद्र सिंह, रवि सिरोही, सतीश कुमार, सोनू सहित दस्तावेज लेखक संघ, स्टांप विक्रेता संघ और टाइपिस्ट एसोसिएशन के सदस्य शामिल रहे।
उधर शामली जिला बार एसोसिएशन में भी अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लेने की मांग दोहराई।
शनिवार देर शाम जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने बताया कि लखनऊ में मिले आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त हो गई है। उधर, उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक कैराना शाखा के अध्यक्ष चौधरी जतन सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक संघ के पदाधिकारी लखनऊ में आईजी स्टंप से मिले थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि ई रजिस्ट्री योजना में दस्तावेज लेखकों को शामिल रखा जाएगा। इसके बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई है।