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विसरा जांच रिपोर्ट आए तो खुलें मौत का राज

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विसरा जांच रिपोर्ट आए तो खुले मौत का राज
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शामली। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा लिया जाता है, लेकिन इसकी जांच रिपोर्ट ही अटकी रहती है। जिले में कई ऐसे मामले हैं जिनकी विसरा जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई। जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से पीड़ित परिजनों को इंसाफ पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
केस एक-
16 माह बाद भी नहीं खुला मकसूद की मौत का राज
पिछले साल छह जून 2019 को हरियाणा के पानीपत निवासी 22 वर्षीय मकसूद अपने तीन दोस्तों के साथ कैराना में यमुना नदी पर नहाने आया था। नहाते समय वह पानी में डूब गया था। अगले दिन मकसूद का शव यमुना से बरामद हुआ था। पहले तो मकसूद की मौत को यमुना में डूबने से होना माना गया था, लेकिन परिजनों ने उसके दोस्तों पर जहर खिलाकर यमुना में डुबोकर हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा, लेकिन मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित कर लिया था। पुलिस ने विसरा की जांच के लिए गाजियाबाद प्रयोगशाला भेज दिया था, लेकिन 16 महीने बाद भी भी विसरा परीक्षण रिपोर्ट नहीं आई है।
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केस-2
रुकैया की मौत में विसरा रिपोर्ट का इंतजार
कस्बा कैराना के मोहल्ला पीरजादगान में पिछले साल सितंबर माह में 24 वर्षीय रुकैया घर में ही चारपाई पर मृत पड़ी मिली थी। मृतका के परिजनों ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था, लेकिन आज तक विसरा रिपोर्ट नहीं आने के कारण जहां मौत की गुत्थी उलझी हुई है।
केस-3
एक माह बाद भी नहीं खुला महिला की मौत का राज
कांधला में रेलवे स्टेशन के निकट 65 वर्षीय गांव परासौली निवासी सतवीरी का शव मिला था। शव को जलाने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया था। अभी तक जांच रिपोर्ट न आने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है।
केेेेस- चार
मौत के मामले में दर्ज नहीं हो सकी रिपोर्ट
पिछले महीने 16 सितंबर को ट्रैक्टर की चपेट में आकर अशरफ के 10 वर्षीय पुत्र की मौत हो गई थी। इस मामले में परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया था। मौत का सही कारण जानने के लिए पुलिस ने विसरा प्रयोगशाला में जांच को भेजा था। पुलिस का कहना था कि विसरा जांच रिपोर्ट के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कोट
जिन मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होता, उनका विसरा जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाता है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद उन मामलों में कार्रवाई की जाती है।
- राजेश कुमार श्रीवास्तव, एएसपी।
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