शामली। बारिश में जगह-जगह पर हो रहे जलभराव के कारण मलेरिया व डेंगू का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इससे बचाव के लिए घर-घर लार्वा की जांच करने का अभियान शुरू किया है। अभियान के पहले सात दिन में करीब 1500 घरों की जांच की गई, जिनमें चार घरों में मलेरिया का लार्वा पाया गया। उधर, जिला अस्पताल में भी मरीजों की भीड़ लग रही है। इनमें सबसे ज्यादा मरीज बुखार, नजला व खांसी के रहे।
बारिश होने के कारण घरों में कई स्थानों पर पानी इकट्ठा हो जाता है। इसके अलावा कूलर व फ्रिज की ट्रे में भी पानी भरा रहता है। बारिश का पानी छत पर पड़े पुराने टायर और मिट्टी के टूटे बर्तनों में भरा रहता है। इससे मलेरिया व डेंगू का मच्छर पैदा होने की आशंका रहती है। मच्छर पनपने के लिए ये स्थिति मुफीद होती है। इस वजह से इस मौसम में मलेरिया और डेंगू होने का खतरा रहता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए घर-घर लार्वा की जांच करने का अभियान शुरू किया है।
जिला मलेरिया अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पांच अगस्त से घर-घर लार्वा जांच अभियान शुरू किया गया है। शामली अरबन क्षेत्र में छह डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर (डीबीसी) लगाए गए हैं। प्रत्येक डीबीसी को एक दिन में 50 घर की जांच करने का लक्ष्य दिया गया है। देहात क्षेत्र में आशा और आंगनबाड़ी घरों में लार्वा की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया अब तक करीब 1500 घरों की जांच की गई, जिनमें चार घरों में कूलर व गमले में भरे पानी में मलेरिया का लार्वा पाया गया। लार्वा को तत्काल नष्ट कराया गया है। वहीं लोगों को भी बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।
-पिछले साल डेंगू के 32 व मलेरिया के मिले थे 69 केस
जिले में पिछले साल 2023 में डेंगू के 32 केस, जबकि मलेरिया के 69 मरीज मिले थे। इस साल में अब तक मलेरिया के 11 केस सामने आ चुके हैं, जबकि डेंगू का कोई केस अभी तक सामने नहीं आया है।
सावधानी
- कूलर व गमले में भरे पानी को सप्ताह में दो बार बदलें
- घर और आसपास पानी इकट्ठा न होने दें
- फ्रिज की ट्रे में भरे पानी को सप्ताह में खाली कर सुखाएं
-रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें
- शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें