दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे पर अंडरपास की कम ऊंचाई, सिंचाई के लिए नाली का निर्माण न करने के मुद्दे पर किसानों ने एनएचएआई और निर्माण एजेंसी के खिलाफ नाराजगी प्रकट की। समस्याओं के निस्तारण को बुधवार को कलक्ट्रेट में बुलाई गई बैठक में किसानों ने आरोप लगाए कि एक्सप्रेसवे का प्रोजेक्ट दिल्ली में बैठक कर तैयार कर लिया गया। मौके का दौरा नहीं किया गया। भौगोलिक स्थिति और किसानों की सुविधाओं को ध्यान में नहीं रखा गया।
बैठक में किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक ने कहा कि किसानों ने बार-बार एनएचएआई और निर्माण एजेंसी के अफसरों से शिकायत की, फिर भी तीन से पांच मीटर ऊंचाई के अंडरपास बनाए जा रहे हैं। अंडरपास की कम ऊंचाई होने के कारण गन्ने से लदी ट्रॉलियां, ट्रक, स्कूली बस नहीं निकल पाएंगी। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर खेत बंटने पर सिंचाई के लिए नाली की व्यवस्था नहीं की जा रही है।
मलिक ने कहा कि हाईवे के बीच में बिजली की 11 हजार की लाइन भी शिफ्ट नहीं की गई है। बैठक में बागपत एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर ललित पाल ने कहा कि सर्वेयर की ओर से प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। प्रोजेक्ट के तीसरे फेस में 18 बड़े अंडरपास, लिंक मार्ग की समस्याओं को देखते हुए 56 इंफ्रास्ट्रक्चर में 28 लिंक रोड प्रस्तावित है। उन्होंने कच्ची नाली बनाने से इंकार करते हुए कहा कि मंगलवार को भारत माला परियोजना के जीएम रविंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने साफ कर दिया कि प्रोजेक्ट की लागत नहीं बढ़ाई जाएगी।
इस पर किसान भड़क गए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अंडरपास की ऊंचाई 14 फीट नहीं होगी, सिंचाई के लिए कच्ची नालियों का निर्माण नहीं होगा तब तक निर्माण एजेंसी को इकोनॉमिक कॉरिडोर का कार्य नहीं करने दिया जाएगा। एसडीएम सदर विशु राजा ने कहा कि किसान संघर्ष समिति की ओर से प्रमुख अंडरपास और लिंक मार्ग की एक सूची उपलब्ध करा दें। जिसे किसानों की समस्याओं को डीएम के माध्यम से केंद्र सरकार को समाधान के लिए भेजा जाएगा।
एसडीएम ने कहा कि किसानों की मांग के अनुरूप एनएचएआई के अफसर अगली बैठक में अंडरपास की ऊंचाई बढ़ाने और सर्विस रोड का नक्शा बनाकर प्रस्तुत करेंगे। एसडीएम सदर विशु राजा ने बागपत एनएचएआई के परियोजना निदेशक के बैठक में न आने पर नाराजगी जताई।
बैठक में तहसीलदार सदर प्रशांत अवस्थी, निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नवीन कुमार पोडिया, निर्माण एजेंसी के एजीएम दीपक राणा, आशुतोष कुमार, मेरठ-करनाल हाईवे की निर्माण एजेंसी के केपी सिंह, कंसलटेंट प्रेमशंकर शर्मा, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य वीर सिंह मलिक, भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, योगेंद्र प्रधान, प्रमोद, इकबाल, इंतजार, सूरज सतेंद्र आदि किसान मौजूद रहे।
शामली कलक्ट्रेट सभागार में दिल्ली-देहरादून हाईवे निर्माण की बैठक में मोजूद एनएचएआई के अधिकारी ?- फोटो : SHAMLI