शामली/कैराना। कस्बा कैराना के मोहल्ला आलदरमियान में दोनों बच्चियों की मौत आग के धुएं में दम घुटने से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। आग में झुलसी महिला अनीता (35) का मेरठ मेडिकल के बर्न वार्ड में उपचार चल रहा है। महिला की हालत गंभीर बनी है।
मोहल्ला आलदरमियान में बृहस्पतिवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे जसविंद्र कश्यप उर्फ जस्सू की पत्नी अनीता घर के कमरे में चारपाई पर झुलसी अवस्था में मिली थी जबकि बराबर में बेड पर दो बेटी डेढ़ वर्षीय जसप्रीत और छह वर्षीय वंदना मृत अवस्था में मिली थी। पुलिस ने महिला को आग लगाकर आत्महत्या की कोशिश करना बताया था।
जसप्रीत के शव काे कैराना में दफनाया, वंदना के शव को दादा ले गए पानीपत
कैराना। पोस्टमार्टम के बाद वंदना और जसप्रीत दोनों बच्चियों के शव बृहस्पतिवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद कैराना उनके घर पर लाए गए। बच्चियों के पिता जसविंदर उर्फ जस्सी मेरठ मेडिकल कॉलेज में अपनी पत्नी का उपचार करा रहे हैं। घर पर दोनों बच्चों की दादी ईश्वरी और ताऊ संजय और उसके परिवार के लोग ही मौजूद थे। शुक्रवार सुबह जसप्रीत के शव को कैराना में खुरगान रोड स्थित श्मशान घाट में दफनाया गया।
उधर, अनीता के पूर्व पति स्व नितिन के पिता अशोक कुमार पानीपत से पहुंचे और बच्ची वंदना के शव पर अपना हक जताया। अशोक ने बताया कि करीब आठ साल पहले उनके बेटे नितिन की शादी अनीता के साथ हुई थी। दोनों से एक बेटी वंदना पैदा हुई थी। करीब चार साल पहले नितिन की मौत होने पर अनीता, बेटी वंदना को साथ लेकर अपने मायके चली गई थी। वे कई बार अपनी पौत्री को लेने गए। लेकिन उन्हें नहीं दी। अगर उन्हें उस समय पौत्री मिल जाती तो शायद वह आज जीवित होती। अब वे अपनी पौत्री वंदना के शव को लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वंदना उनके बेटे नितिन की आखिरी निशानी थी, अब वह भी दुनिया से चली गई।अनीता के परिजन पहुंचे मेरठ
कैराना। मेरठ मेडिकल में भर्ती अनीता के कंडेरा बागपत निवासी मायके वाले शुक्रवार को मेरठ पहुंचे। पति जसविंदर ने फोन पर बताया कि अनीता की हालत गंभीर बनी हुई है। मायके के लोगों ने जसविंदर पर तरह-तरह के आरोप लगाए। जसविंदर ने कहा कि घटना के समय वह पानीपत में सब्जी बेच रहा था। सुरक्षा की दृष्टि से कोतवाली में तैनात महिला हेड कांस्टेबल आशा की ड्यूटी भी मेरठ मेडिकल कॉलेज में अनीता के पास लगाई है।
कैराना में मृतक वंदना का फाइल फोटो-परिजन