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आने वाले साल में बदल जाएगी शामली की तस्वीर

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कैराना बाईपास पर होता निर्माण कार्य - फोटो : SHAMLI
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आने वाले साल में बदल जाएगी जिले की तस्वीर
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शामली। तंग सड़कों और जाम से जूझ रहे शामली शहर की आने वाले साल में तस्वीर बदल जाएगी। काम में थोड़ी तेजी और आई तो करीब एक साल में शहर से गुजरने वाले तीनों हाईवे का चौड़ीकरण हो जाएगा। इससे वाहन सरपट दौड़ेंगे। चारों ओर बाईपास बन जाने से भारी वाहनों को शहर में आने की जरूरत नहीं होगी और जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
जिले से होकर जाने वाले दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे का प्रथम चरण का 80 प्रतिशत से ज्यादा कार्य पूरा हो चुका है। दूसरे चरण का शामली से सहारनपुर की ओर कार्य तेजी से चल रहा है। पानीपत-खटीमा हाईवे पर प्रथम चरण का कार्य शुरू हो गया है। मेरठ-करनाल मार्ग का चौड़ीकरण और बाईपास कार्य प्रस्तावित है। जाम से मुक्ति के लिए प्रस्तावित तीनों हाईवे के बाईपास बनने के बाद शहर की तस्वीर ही बदली नजर आएगी।
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दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग का बाईपास
शामली। दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे पर बलवा गांव के पास बाईपास शुरू होकर मेरठ-करनाल मार्ग पर ताजपुर सिंभालका में मिलेगा। वहां से शामली-भौराकलां-शाहपुर मार्ग पर ग्राम सेहटा के जंगल से होते हुए शामली तहसील के पीछे से होता हुआ पानीपत-खटीमा हाईवे को जोड़ेगा।
इसके बाद साईधाम के पास दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर जाकर जुड़ेगा। इस बाईपास का शामली-भौंराकलां-शाहपुर मार्ग पर सेहटा से बनत गांव की सीमा पर 500 मीटर मिट्टी कार्य हो गया है। दूसरी ओर सेहटा गांव से मेरठ-करनाल मार्ग की ओर ताजपुर सिंभालका गांव की सीमा तक मिट्टी कार्य चल रहा है। बलवा गांव को दिल्ली-सहारनपुर मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास के लिए भूमि पैमाइश न होने से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को नहीं मिल पाई है। बाईपास की जद में बनत गांव के किसानों की भूमि मुआवजा तय न होने से कार्य अधर में लटका हुआ है। आने वाले साल में शामली बाईपास का निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
पानीपत-खटीमा पर बनत में बाईपास निर्माण शुरू
शामली। हरियाणा और उत्तराखंड को जोड़ने वाले पानीपत से खटीमा फोरलेन का प्रथम चरण में भूमि अधिग्रहण कार्य तेजी से चल रहा है।
मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण के लिए कैराना में यमुना नदी पर चार लेन के सेतु का कार्य शुरू हो चुका है। चौड़ीकरण के लिए मुख्य मार्ग के दोनों ओर भूमि को समतल करने का कार्य चल रहा है। बनत में कृष्णा नदी के पास से बनत के पश्चिम दिशा में बाईपास निर्माण के लिए मिट्टी डालने का काम तेजी से चल रहा है। कृष्णा नदी से लेकर बनत, जलालपुर गांव के मार्ग से होते हुए एसडीएम आवास के पीछे होते हुए शामली तहसील के पास बनत बाईपास हाईवे पर जुड़ेगा। शामली से मुजफ्फरनगर जाने वाले भारी वाहन बनत कस्बे से न होकर बाईपास से होकर जाएंगे। यह बाईपास अगले साल पूरी तरह से अस्तित्व में आ जाएगा। पानीपत-खटीमा मार्ग का दूसरा बाईपास कंडेला और जगनपुर से शुरू होकर ऐरटी अलीपुर, खंद्रावली से होते हुआ बलवा में दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग पर मिल जाएगा।
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मेरठ-करनाल हाईवे बनेगा फोरलेन
शामली। जिले के तीसरे हाईवे मेरठ-करनाल हाईवे का चौड़ीकरण भी प्रस्तावित है। मेरठ-करनाल के 25 मीटर के चौड़ीकरण का प्रस्ताव दो साल पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भेज जा चुका है। चौड़ीकरण के लिए निर्माण एजेंसी नामित हो चुकी है। हाईवे के शामली बाईपास की जद में शामली, गोहरनी, मुंडेट कला, बधेव, लपराना सेवापुर, टिटौली गांव के किसानों की जमीन आएगी। बाईपास के संबंध में किसानों और जिला प्रशासन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अफसरों की बैठक हो चुकी है। मुआवजा राशि के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। आने वाले समय में मेरठ-करनाल मार्ग का चौड़ीकरण अस्तित्व में आ जाएगा। बिड़ौली यमुना नदी पर नया सेतु भी बनेगा।

शामली के सिंभालका बाईपास निर्माणाधीन पुलिया (फाइल फोटो)- फोटो : SHAMLI

शामली में निर्माणाधीन बनत बाईपास- फोटो : SHAMLI

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