कांधला/शामली। जिला पंचायत चुनाव में सपा नेताओं के बीच चल रही जुबानी जंग शनिवार को खुलकर सामने आ गई। कांधला के जैन कन्या जूनियर हाईस्कूल पर फर्जी मतदान की आशंका को लेकर सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह और सपा विधायक नाहिद हसन में झड़प हुई। माहौल गरमाते ही समर्थकों में मारपीट और पथराव हो गया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा तथा दोनों नेताओं को अलग-अलग किया। इसे लेकर कांधला क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
दरअसल, जिला पंचायत वार्ड-14 से सदस्य पद पर सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान और कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन की बहन इकरा हसन के बीच कड़ा चुनावी मुकाबला है। एक ही पार्टी में होने के बावजूद कई दिन से दोनों दिग्गजों के बीच जुबानी जंग चल रही थी।
शनिवार सुबह जब मतदान शुरू हुआ, तो यही आशंका जताई जा रही थी कि दोनों नेताओं का कहीं आमना-सामना न हो जाए। दोपहर बाद करीब ढाई बजे कांधला ब्लाक कार्यालय के पास मतदान केंद्र जैन कन्या जूनियर हाईस्कूल में बूथ नंबर 152, 153, 154, 155 पर दोनों प्रत्याशियों को उनके समर्थकों ने फर्जी मतदान होने की सूचना दी।
इसके बाद एमएलसी वीरेंद्र सिंह, पालिकाध्यक्ष वाजिद हसन उर्फ बबला समर्थकों सहित पहुंचे। इसी बीच कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन भी समर्थकों के साथ वहां आ गए। वीरेंद्र सिंह और नाहिद हसन ने एक दूसरे पर फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं में तीखी नोकझोंक से साथ ही धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक भिड़ गए और उनमें जमकर मारपीट व पथराव हो गया।
पथराव के दौरान भगदड़ मच गई। पुलिस ने बलपूर्वक दोनों पक्ष के लोगों को तितर-बितर किया। सूचना के बाद मौके पर डीएम ओपी वर्मा तथा एसपी विजय भूषण अतिरिक्त पुलिस बल के साथ वहां पर पहुंचे। दोनों नेताओं को अलग-अलग करने के बाद मामला शांत कराया गया।
इसी दौरान वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान भी वहां पहुंचे और प्रशासनिक लापरवाही के चलते मतदान में गड़बड़ी की आशंका जताई। मनीष ने कहा कि यहां पर फर्जी मतदान की आशंका पूर्व में ही जताई थी, लेकिन प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। इस दौरान करीब एक घंटा तक उक्त मतदान केंद्र के बूथों पर मतदान बाधित रहा।
उधर, कांधला चेयरमैन के समर्थकों और विधायक नाहिद हसन के एक समर्थक के बीच भी मारपीट हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों को खदेड़ दिया।