शामली। दशलक्षण पर्व पर जैन आचार्य ज्ञानभूषण जी महाराज ने बुधवार को उत्तम संयम धर्म के बारे में बताते हुए कहा कि मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति गुरु ज्ञान से होती है। मनुष्य को संत बनने और संयम धर्म पालन करने की प्रेरणा लेनी होगी।
कैराना रोड पर हाथी खाना मैदान में मध्यप्रदेश छिंदवाड़ा से आए विधान आचार्य शरद चंद्र बनारसी ने विधि विधान से इंद्र-इंद्राणियों को सुगंध दशमी की पूजा-अर्चना एवं शांति धारा कराई। भोपाल से आई विजय रंगीला एंड पार्टी ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुत दी। नगर के सभी जैन मंदिरों में जैन आचार्य द्वारा परिक्रमा करके पर विशेष पूजा अर्चना कराई। सुगंध दशमी के अवसर पर धर्म की ध्वजारोहण प्रवीण जैन-राजीव जैन ने किया।
जैन आचार्य ज्ञान भूषण महाराज ने आज उत्तम संयम धर्म और सुगंध दशमी के बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य के अंदर समता भाव और अनुव्रत नहीं होंगे, तो संयम भाव कहां से आएगा। अगर जीव के अंदर मुनि भाव नहीं है, मोक्ष की प्राप्ती नहीं हो सकता। महाराज श्री ने कहा कि इंद्रियों को वश में करना, किसी जीव को कष्ट न देना और उसकी भलाई एवं सेवा करना प्राणी संयम है।
अहिंसा धर्म ही संयम है। सुगंध दशमी का महत्व बताते हुए कहा कि जीव में सुगंध पैदा होना परमात्मा का प्रकाश होने के समान है। प्रवीण जैन, वैभव जैन, संजीव जैन, शिखर चंद्र जैन, मोहित जैन, अचल जैन, अशोक जैन, सुशील जैन, राजीव जैन, अचल जैन, रोहित जैन, मयंक जैन, रवि जैनी आदि मौजूद रहे।