नई नीति से बड़े बैनामे कराने वालों पर बढ़ेगा बोझ
शामली। जमीन खरीदने पर बैनामा कराने में दी जाने वाले पंजीयन शुल्क की नीति में बदलाव का असर बड़े प्लाट (20 लाख रुपये कीमत से ज्यादा) वालों की जेब पर बोझ पड़ेगा, जबकि मध्यम वर्गीय खरीदारों को इसका फायदा होगा। क्योंकि बैनामे के पंजीयन शुल्क की राशि एक प्रतिशत कर दी गई है। हालांकि नई नीति के संबंध में शासनादेश जारी होने तक बैनामो की गति पर ब्रेक भी लगने की संभावना है।
जिले में कैराना और शामली उपनिबंधक कार्यालय हैं। बैनामे पर दो प्रतिशत पंजीकरण शुल्क लिया जाता था। मंगलवार को यूपी कैबिनेट की बैठक में एक फीसदी पंजीयन शुल्क की मंजूरी के बाद गजट जारी होने में कम से कम एक माह का समय लग सकता है। वेस्ट यूपी के जिलों में 85 प्रतिशत तक बैनामे 20 लाख रुपये तक के होते हैं। जहां बड़े बैनामे होते हैं, वहां पर राजस्व की बढ़ोत्तरी होनी तय है।
सहायक महानिरीक्षक (निबंधन) मेवालाल पटेल का कहना है कि मुजफ्फरनगर और शामली जिले में 90 प्रतिशत तक बैनामे 20 लाख रुपये तक ज्यादा होते है। इससे अधिक के बैनामे इक्का दुक्का होते है। पूरे साल में 20 लाख से अधिक के बैनामे मात्र 30- 35 होते हैं।
- लघु और माध्यम वर्ग को होगा फायदा
अभी तक दो प्रतिशत पंजीकरण शुल्क अधिकतम 20 हजार रुपये दिया जाता था। अब एक लाख की रजिस्ट्री पर एक हजार रुपये पंजीकरण शुल्क के प्रावधान से लघु और माध्यम वर्ग के क्रेता को लाभ होगा। बैनामों से आय भी प्रभावित होगी। - संजीव कुमार गर्ग, बैनामा लेखक
- किसान, छोटे व्यापारियों को राहत देने वाला फैसला
शामली उपनिबंधक कार्यालय में बैनामा लेने पहुंचे विनोद कुमार, शामली के गगन विहार निवासी यशपाल सिंह, लालूखेड़ी निवासी विनोद कुमार, गढ़ी अब्दुल्ला निवासी शेर मोहम्मद का कहना है कि शासन के निर्णय से किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के साथ मध्यम वर्ग को राहत देने वाला फैसला है।
-- बैनामों से होने वाली आय (लाख रुपये में)
वर्ष -------------- लक्ष्य ---------- प्राप्त आय
2019-20 ------- 7732.64 ------ 6118.77
2018-19 ------- 7000 -------- 5307.09
-- बैनामों और आय की स्थिति
उपनिबंधक कार्यालय ---- 2018-19 -- 2019-20
शामली - 612 670
कैराना - 627 616
कुल बैनामे 1239 1276