शामली। जिले में मलेरिया विभाग स्टाफ व संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। हर साल मलेरिया के नए केस सामने आते हैं। विभाग के पास मरीज के रक्त की जांच के लिए न तो अपनी लैब है और न ही वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन है। सिर्फ लैब सहायक हैं, जिसे कुड़ाना सीएचसी से संबद्ध किया गया है। जांच कराने के लिए जिला अस्पताल की लैब पर निर्भर रहना पड़ता है।
जिला बनने के साढ़े 13 साल बाद भी जिला मलेरिया विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति न होने से रिक्त चल रहे हैं। सीएमओ कार्यालय में बनाए गए विभाग में जिला मलेरिया अधिकारी के पद पर सुरेंद्र सिंह नियुक्त हैं, लेकिन सहायक मलेरिया अधिकारी के दोनों पद रिक्त चल रहे हैं। वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक भी नहीं हैं। मलेरिया निरीक्षक के स्वीकृत पांच पदों में तीन नियुक्त है, जबकि दो पद रिक्त चल रहे हैं। फील्ड वर्कर के पद भी रिक्त है। वरिष्ठ व कनिष्ठ लैब टेक्नीशिन, स्वीपर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की भी नियुक्ति नहीं हुई है। इस साल में अभी तक मलेरिया का नया केस सामने नहीं आया है।