झिंझाना (शामली)। गांव अबदाननगर में बंदर को गोली मारने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चार लाइसेंसी असलहे, 545 कारतूस और आठ खोखे बरामद किए है। इस मामले के दो आरोपी अभी फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है।
रविवार दोपहर को थाना झिंझाना पर एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता में बताया कि गांव अबदाननगर में शनिवार को एक युवक ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से घर में घुसे बंदर की गोली मार दी थी। बंदर की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में तीन भाइयों हफीज, आसिफ और अनीस के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण और आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में मुख्य आरोपी हफीज को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके कब्जे से एक राइफल 315 बोर और 180 कारतूस, दो डबल बैरल बंदूक और 353 कारतूस, एक पिस्टल 32 बोर और उसके पांच कारतूस बरामद किए गए है। अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।
एएसपी ने बताया कि आरोपियों से बरामद असलहों के दुरुपयोग करने पर उनके लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति डीएम अखिलेश सिंह को भेजी गई है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने पर पुलिस टीम को बीस हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की गई है। टीम में बिडौली चौकी प्रभारी देवेंद्र शर्मा, दरोगा रुपकिशोर शर्मा, सचिन त्यागी, राशिद, तनुज कुमार दुष्यंत आदि शामिल रहे।
थाना प्रभारी सुशील कुमार दुबे ने बताया कि गया आरोपी को जिन धाराओं में गिरफ्तार कर चालान किया गया है, सात साल की सजा का सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि एसपी अजय कुमार के निर्देश पर गांव के सभी लाइसेंस धारकों की सूची बनाकर उनके लाइसेंसों की जांच शुरू कर दी गई है।
कारतूसों की जांच शुरू हुई
झिंझाना। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया की पकड़े गये आरोपी से बरामद कारतूसों में अधिकांश कारतूस जापानी है, जिनके आगे पॉयजन लगा होता है। अगर यह किसी व्यक्ति या जीव को यह छू जाए और जल्दी उपचार नहीं मिले तो उसमें मौत हो सकती है। एएसपी ने बताया कि इस मामले में शामली में एक शस्त्र विक्रेता के यहां से जानकारी की गई तो 23 सितंबर से 30 सितंबर तक लगातार 10 कारतूस रोज खरीदे गए थे, जो नियम विरुद्ध है। शस्त्र विक्रेता से इस बारे में पूछताछ कर यह जानकारी की जाएगी कि उसने किस आधार पर आरोपी को कारतूस बेचे है। नियम यह भी है कि इस्तेमाल किए जाने वाले कारतूसों के खोखे भी गन हाउस पर जमा किए जाते है। उसने आज तक कोई कारतूस वहां जमा नहीं दिखाए है, फिर उसे कारतूस कैसे बेचे गए। इन सभी बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी गई है।