शामली। यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष रामजी त्रिपाठी का वीडियो वायरल होने से जलालाबाद रोडवेज डिपो का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। वीडियो में प्रांतीय अध्यक्ष ने सहारनपुर क्षेत्र के तत्कालीन आरएम पर कई आरोप लगा रहे हैं। साथ ही उच्चस्तरीय जांच कराकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वायरल वीडियो में प्रांतीय अध्यक्ष रामजी त्रिपाठी कह रहे हैं कि तत्कालीन आरएम ने सहारनपुर जिले के अपने पैतृक गांव के पास बिना अनुमति के जलालाबाद में रोडवेज डिपो बनवा दिया। रोडवेज की बसों पर जलालाबाद डिपो भी लिखवाया गया। लाखो रुपये डिपो के साज सज्जा के नाम पर खर्च किए गए। भवन बनने के बाद भुगतान कहां से हुआ है।
लापरवाही यह है कि बिना अनुमति के ही डिपो का संचालन कर दिया गया। जलालाबाद डिपो लिखी रोडवेज की बस से थानाभवन में तीन बच्चों की मौत के बाद फर्जी डिपो का पर्दाफाश हुआ। वे वीडियो में तत्कालीन आरएम पर तबादला के नाम पर लाखों रुपये की धनराशि वसूले का भी आरोप लगा रहे हैं। वीडियो में यूनियन के अध्यक्ष ने तत्कालीन आरएम को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री का संरक्षण होने की बात भी कही है। त्रिपाठी ने भ्रष्टाचार के मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
बिना अनुमति चल रहे डिपो को आननफानन किया खत्म
शामली। जलालाबाद में फर्जी तरीके से चल रहे रोडवेज डिपो को आनन-फानन एक जनवरी से खत्म कर दिया गया। जलालाबाद डिपो लिखी बस से कुचलकर चार दिसंबर को थानाभवन में तीन बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना की जांच हुई तो पता लगा कि जलालाबाद डिपो का संचालन ही बिना अनुमति के हो रहा है। पता लगने के बाद जलालाबाद डिपो की बसों को आनन-फानन सहारनपुर संबद्ध कर दिया गया। जलालाबाद में अगस्त 2018 में रोडवेज डिपो का शुभारंभ हुआ था। गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने इसका उद्घाटन किया था।