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विवादों में उलझी पालिका बोर्ड बैठक की जांच शुरू

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शामली। विवादों में उलझी दो माह पहले हुई नगरपालिका बोर्ड की बैठक की प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। एसडीएम सदर ने पालिका कार्यालय पहुंचकर पालिका कर्मियों और सभासदों से जानकारी ली। बोर्ड बैठक संबंधी रिकार्ड की प्रतियां जांच के लिए साथ ले गए।
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नगरपालिका शामली की करीब दो माह पहले 18 नवंबर को हुई बोर्ड बैठक में कुछ सभासदों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया था। हंगामे के दौरान पालिका चेयरपर्सन अंजना बंसल बैठक को बीच में छोड़कर चली गई थी। इसके बाद पालिका चेयरपर्सन ने बोर्ड बैठक में कई प्रस्ताव पास होना बताया था, जबकि सभासदों ने बैठक में कोई प्रस्ताव पारित न होना बताते हुए मंडलायुक्त सहारनपुर व डीएम शामली से शिकायत की थी। इस प्रकरण की जांच एसडीएम सदर संदीप कुमार को सौंपी है।
बुधवार को एसडीएम सदर ने पालिका कार्यालय पहुंचे और पिछली बोर्ड बैठक को लेकर चल रहे विवाद के प्रकरण की जांच की। एसडीएम ने पालिका के मुख्य लिपिक प्रदीप कुमार समेत कई पालिका कर्मियों के अलावा सभासद अनिल उपाध्याय, संजीव देशवाल और सभासद पति निशिकांत संगल आदि से जानकारी ली। एसडीएम ने बोर्ड बैठक से संबंधित कार्यवाही पुस्तिका (प्रोसेडिंग बुक) व अन्य रिकार्ड की जांच की। एसडीएम ने जांच के लिए बोर्ड बैठक संबंधी रिकार्ड की फोटो प्रतियां भी ली हैं।
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एसडीएम सदर संदीप कुमार ने बताया कि कुछ सभासदों ने पिछली बोर्ड बैठक में हंगामे होने संबंधी शिकायत की थी। इस मामले में उन्होंने पालिका कर्मियों और कुछ सभासदों से जानकारी ली है। इस प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सही स्थिति सामने आएगी।
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जांच होने तक नई बोर्ड बैठक नहीं कराने की मांग
शामली। पालिका के वार्ड सभासद निशी रानी, अनिल उपाध्याय, राजीव गोयल, पंकज गुप्ता, संजीव कुमार, विनोद तोमर ने मंगलवार शाम को शामली पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल को पत्र दिया था। जिसमें सभासदों ने 18 नवंबर को हुई पिछली बोर्ड बैठक में कोई प्रस्ताव पास न होना बताते हुए कहा कि इसकी जांच एसडीएम सदर पर है, लेकिन दो माह बाद भी कोई जांच नहीं हुई और न ही बोर्ड बैठक निरस्त हुई है। अब 22 जनवरी को फिर पालिका की बोर्ड बैठक होना प्रस्तावित है। सभासदों ने प्रभारी मंत्री से मांग रखी कि 18 नवंबर की बोर्ड बैठक की जांच पूरी होने तक नई बोर्ड बैठक न कराई जाए।
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