झिंझाना। मृतक के चाचा महबूब ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस पर वह पहुंच गए थे मगर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था। इस स्थिति में उनके एक जानने वाले दिल्ली पुलिस के दरोगा ने वीडियो बनाकर बारी-बारी से पोस्टमार्टम के अंदर रखें सभी शवों का चेहरा दिखाया जिसके बाद उन्होंने नोमान के शव की पहचान की । इसके बाद ही उन्हें शव के पास जाने दिया गया
-धमाके में नोमन के चेहरे पर 100 से अधिक निशान
धमाके में नोमन के चेहरे पर आग के कारण 100 से अधिक निशान बन गए। नोमान का शव आने के बाद मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। हर किसी का कहना था कि ये निशान धमाके की क्रूरता बयां कर रहे हैं।