शामली। झमाझम बारिश से जहां एक ओर गर्मी के तेवर ठंडे पड़े गए हैं। वहीं दूसरी ओर जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। बुधवार को सुबह से शाम तक झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आने से मौसम में ठिठुरन बढ़ गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बृहस्पतिवार को बारिश होने की संभावना है।
बुधवार सुबह आठ बजे से बारिश शुरू हो गई, जो शाम चार बजे तक होते रही। आठ घंटे में 25 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। पिछले दो दिन में 40 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। जिससे दिन का पारा एक डिग्री एक डिग्री लुढ़क गया। दिन का तापमान 31 और रात का 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने से मौसम में ठिठुरन बढ़ गई। बारिश से जगह-जगह जलभराव होने के कारण लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य बाजार, गली, मोहल्लों सहित दुकानों में तक पानी भरने के कारण का परेशानी हुई। वहीं, दूसरी ओर बारिश से धान, गन्ना, ज्वार आदि फसलों को लाभ मिला है। वहीं, सब्जी उत्पादकों को नुकसान हुआ है।
पूर्वी यमुना नहर खंड के उपराजस्व अधिकारी अंबुज चौधरी ने बताया कि मंगलवार को 15 एमएम और बुधवार को सुबह आठ बजे से लेकर शाम चार बजे तक 25 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। बारिश होने से पहले यमुना नहर में 500- 600 क्यूसेक पानी मिल रहा था। मानसून आने के बाद छह सौ से लेकर 700 क्यूूूूसेक पानी यमुना नदी का मिलना शुुरू हो गया है। यमुना नहर में 1250 से 1300 क्यूूसेक पानी आ रहा है। सरदार बल्लभ भाई कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मृदा विभाग के अध्यक्ष यूपी शाही ने बताया कि बृहस्पतिवार को बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार को बारिश बंद होने से मौसम मिश्रित रहेगा। शनिवार से लेकर 20 जुलाई तक मानसून बारिश होने की संभावना है।
बारिश से सब्जी को होने लगा नुकसान
शामली। दो दिन की बारिश से खेतों में फूल गोभी, पत्ता गोभी, टमाटर और टिंडा आदि सब्जी पौधो में पानी भरने से गलन की बीमारी फैलने की संभावना बढ़ गई है। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने कहा कि जिले के यमुना किनारे कैराना, थानाभवन, जलालाबाद क्षेत्रों में सब्जी उत्पादक किसान टमाटर, फूल गोभी, पत्ता गोभी, टमाटर और टिंडा आदि सब्जी प्लेन खेतों में करते हैं। जिसमें बरसात होने से खेतों में पानी भर जाने से गलन की बीमारी होती है। उन्होंने किसानों से खेत की मेड़ पर सब्जी की पौध लगाए। खेतों की मेड़ पर सब्जी का उत्पादन करने से गलन की बीमारी से बच सकते हैं।