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Shamli News: गुरुओं ने छात्रों के हाथों में थमाई झाडू, तो कहीं कक्षों के नहीं खुले ताले

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शामली प्राथमिक स्कूल  मुडेट में  छात्राओ से झाडू लगवाती ​शि​क्षिका
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ग्राउंड रिपोर्ट..........
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- परिषदीय स्कूल खुलने पर साफ सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई थी शिक्षकों को

- शिक्षकों ने जरूरी नहीं समझा हाथ में झाडू उठाना, छात्रों से कराई स्कूलों की सफाई
- जहां बच्चों ने सफाई नहीं की वहां गंदगी में बैठा दिया, कक्षों पर लगे रहे ताले, शिक्षक गैर हाजिर
: अमर उजाला की पड़ताल में खुलासा
दीपक गुप्ता
शामली। कहते हैं गुरु ही बच्चों का भविष्य तय करते हैं और उनको ज्ञान देकर जीवन में सफलता की सीढ़ी चढ़ाते हैं। लेकिन शामली जनपद के कुछ परिषदीय स्कूलों में गुरु पूर्णिमा पर छात्रों को ज्ञान देने के बजाय उनके हाथों में झाडू और कपड़ा थमा दिया गया। सोमवार को स्कूल खुलने पर अमर उजाला ने स्कूलों की पड़ताल की तो कई स्कूलों में तो शिक्षक खड़े होकर छात्रों से झाडू लगवाते मिले, कहीं पर छात्र स्कूल के कक्ष का ताला खोलते मिले। कई स्कूल ऐसे मिले जहां गंदगी में ही छात्रों को बैठा दिया गया। जिन स्कूलों में बच्चे नहीं पहुंचे तो वहां कक्षों की सफाई तक नहीं की गई। वहीं कुछ स्कूलों में उत्साह भी नजर आया और शिक्षकों ने बच्चों का स्वागत पुष्प वर्षा से किया। परिषदीय स्कूलों में पहले दिन की स्थिति पर अमर उजाला की रिपोर्ट...
स्थान : मुंडेट कलां का प्राथमिक विद्यालय, समय : सुबह 8 बजे

यहां छात्राओं से सफाई कराई जा रही है और छात्राएं हेडमास्टर के कक्ष में बैठी थीं। कैमरा चलते ही शिक्षिकाएं बाहर आईं और छात्राओं को अच्छे से सफाई कराने के लिए आदेश देती नजर आई।
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स्थान : बधेव गांव का उच्च प्राथमिक विद्यालय, समय : सुबह 8:30 बजे
यहां गंदगी का अंबार लगा हुआ था। एक कक्ष में छात्रा के हाथ में झाडू देकर सफाई कराई जा रही थी। हेडमास्टर सहित शिक्षक कमरे में कुर्सी पर बैठे नजर आए। फोटो खिंचते ही शिक्षकों में हडकंप मच गया और वहां एक कक्ष का छात्र से ताला खुलवाया जा रहा था। इतना ही नहीं, कक्ष के अंदर शिक्षक ने अपनी बाइक तक खड़ी कर रखी थी।
स्थान : शहर का प्राथमिक विद्यालय नंबर एक, समय : सुबह 8:48 बजे

यहां एक शिक्षा मित्र पहुंची थी और हेडमास्टर नहीं आए थे। बताया कि वह तीन माह से अनुपस्थित चल रहे हैं। वहां शिक्षा मित्र ने सफाई कर्मचारी को बुलाकर सफाई कराई, लेकिन वह बच्चों को पढ़ाने की जगह अपने कार्यालय में बैठकर आराम कर रही थी।

स्थान : उच्च प्राथमिक विद्यालय बनखंडी, समय : सुबह 9 बजे
यहां सभी कक्षों में कूडा करकट भरा हुआ था। एक कक्ष में छात्रा को झाडू व दूसरी छात्रा को कपड़ा देकर सफाई कराई जा रही थी। जब शिक्षकों से पूछा तो जवाब दिया कि वह सफाई कर्मचारी थोड़ी है, जो यहां झाडू लगाएंगे। वह तो संविदा के शिक्षक हैं यहां सफाई करने के लिए नहीं आए।
स्थान : कन्या जूनियर हाईस्कूल नंबर एक, समय : सुबह 9:15 बजे
कई कक्ष के ताले खुले नहीं थे। वहीं प्राथमिक विद्यालय के कक्ष भी बंद पड़े थे और शिक्षिका डोली पहुंची नहीं थी। इसके कारण वहां पहुंचे पांच बच्चे अपनी शिक्षिका का इंतजार करते रहे। वहां सफाई कर्मचारी सफाई करते मिले।
स्थान : कन्या जूनियर हाईस्कूल नंबर एक, समय : सुबह 9:26 बजे
यहां गंदगी का अंबार लगा हुआ था। बच्चे भी अपने कक्ष में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। वहां परिसर की सफाई कराना भी जरूरी नहीं समझा गया और कई कक्ष में तो गंदगी पड़ी थी।
स्थान: मंसूरा का कंपोजिट विद्यालय, समय : सुबह 8 बजे


यहां जैसे ही बच्चे पहुंचे तो शिक्षकों ने उनके ऊपर पुष्प डालकर स्वागत किया और उनको आशीर्वाद देकर अंदर प्रवेश कराया। विद्यालय में गुरु पूर्णिमा पर शिक्षक ने एक गुरु की परंपरा को कायम रखा।
स्थान : कन्या जूनियर हाईस्कूल कंपोजिट, समय : सुबह साढे़ 11 बजे
यहां 60 ही विद्यार्थी पहुंच सकें थे। कक्षा एक से कक्षा 8 तक के 253 छात्रों का नामांकन हुआ । पहले दिन बच्चों की उपस्थिति काफी कम देखने को मिली।
प्रधानाध्यापिका अभद्रता पर हो गई उतारू
गांव सकौती में स्थित प्राथमिक विद्यालय में सुबह 10 बजे जैसे ही पहुंचे तो वहां प्रभारी प्रधानाध्यापक ने शिक्षिका की मर्यादा को भूलते हुए अभद्रता करनी शुरू कर दी। उन्हें यह भी नहीं पता था कि सोमवार यानी आज गुरु पूर्णिमा भी है और बच्चों काे ज्ञान बांटने की जगह सफाई तक कराई गई।
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इनके अलावा कैराना, झिंझाना, कांधला,ऊन, थानाभवन, जलालाबाद में स्कूलों में बच्चों की संख्या कम रही।
वर्जन.........
जिन-जिन स्कूलों में कमी मिली है, वहां-वहां के प्रधानाध्यापकों से जवाब मांगा जाएगा। साथ ही, अनुपस्थित रहने वाले अध्यापकों का भी वेतन काटा जाएगा। मामले की जांच संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी से शुरू करा दी गई है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - कोमल, बीएसए शामली
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