- लिखित समझौता होने के बाद बिना निकाह के ही लौटे दोनों दूल्हे
- बृहस्पतिवार को ग्राम बंतीखेड़ा में दहेज में कार मांगने पर बंधक बना लीं थीं दोनों बरातें
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बाबरी थाना क्षेत्र के बंतीखेड़ा गांव में दहेज में कार की मांग के बाद दो बरातों को बंधक बनाने के मामले में दोनों दूल्हे बिना निकाह के ही लौट गए। दुल्हन पक्ष ने निकाह करने से इंकार कर दिया। इस मामले में अब लिखित समझौता भी हो गया है।
बंतीखेड़ा निवासी रियाज की पुत्री मेहशर और मुस्कान की बृहस्पतिवार सुबह बरात आई थी। मेहशर का रिश्ता सहारनपुर के नूनाबड़ी निवासी अब्दुल सलाम से और मुस्कान का रिश्ता मुजफ्फरनगर के कुल्हेड़ी निवासी शाहिद के साथ हुआ था। बताया गया कि अब्दुल सलाम और शाहिद दोनों मामा-भांजे हैं। निकाह की रस्मों के दौरान अब्दुल सलाम ने दहेज में बुलट मोटरसाइकिल के स्थान पर कार की मांग कर दी।
दुल्हन पक्ष ने दूल्हा पक्ष को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। जिस पर दुल्हन पक्ष ने दोनों बरातों को बंधक बना लिया। दुल्हन पक्ष ने निकाह से इंकार करते हुए उन्होंने शादी में खर्च हुए 15 लाख रुपये की मांग कर दी। शाम को अन्य बरातियाें को तो जाने दिया, लेकिन दोनों दूल्हे और कुछ जिम्मेदारों को बंधक बनाए रखा। देर रात अब्दुल सलाम के परिवार से लिखित समझौता हुआ। जबकि शुक्रवार सुबह शाहिद के परिवार के साथ समझौता हुआ। दुल्हन पक्ष के खर्च हुए करीब सात लाख रुपये और शादी में दिया गया सामान लौटाकर दोनों बरात वापस लौट गई। इस संबंध में थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई।