शामली। जिले में हाईवे बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन ट्रामा सेंटर की सुविधा मिलती नजर नहीं आ रही है। जिले में ट्रामा सेंटर के लिए भूमि न मिलने के कारण शासन से यह प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भूमि को तलाश करने के बाद दोबारा प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
जिले में तीन हाईवे पानीपत- खटीमा, दिल्ली-सहारनपुर और मेरठ करनाल हाईवे हैं। हाईवे पर अक्सर दुर्घटनाएं होती है, लेकिन घायलों को पर्याप्त उपचार की सुविधा नहीं मिलती, जिस कारण सीएचसी व जिला अस्पताल से घायलों को मेरठ रेफर किया जाता है। घायलों के उपचार के लिए जिले में ट्रामा सेंटर नहीं बन सका है। जिले में प्रस्तावित ट्रामा सेंटर के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो साल पहले थानाभवन के निकट भूमि चिह्नित कर शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन ने इस प्रस्ताव को निरस्त करते हुए कहा था कि ट्रामा सेंटर के लिए जिला मुख्यालय पर ही जिला अस्पताल के आसपास भूमि का चयन किया जाए।
तब से स्वास्थ्य विभाग भूमि की तलाश करता रहा, लेकिन ट्रामा सेंटर के लिए भूमि उपलब्ध कराना तो दूर चिह्नित तक नहीं कर सका। भूमि चिह्नित न होने के कारण जिले में ट्रामा सेंटर बनने का प्रस्ताव शासन स्तर पर निरस्त कर दिया गया। शासन ने ट्रामा सेंटर के लिए भूमि उपलब्ध होने के बाद दोबारा से प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। भूमि उपलब्ध न होने के कारण अभी जल्दी से जिले में ट्रामा सेंटर की सुविधा मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में ट्रामा सेंटर का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन भूमि उपलब्ध न होने के कारण शासन स्तर पर इसका प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया है। ट्रामा सेंटर के लिए भूमि की तलाश की जा रही है। भूमि चिन्हित होने के बाद शासन को ट्रामा सेंटर के लिए दोबारा प्रस्ताव भेजा जाएगा।