शामली। सात जन्मों तक रहने की कसमें खाने वाले दंपती के रिश्ते छोटी-छोटी बातों में ही टूटने के कगार पर पहुंच रहे हैं। दंपती के बीच झगड़ों के कारण मासूमों का भविष्य भी दांव पर लग रहा है। मासूमों की पढ़ाई बीच में ही छूट रही है। बच्चों का स्कूलों में दाखिला तक नहीं हो पा रहा। वन स्टाॅप सेंटर में आने वाले 10 से 12 प्रतिशत मामलों में यही सामने आ रहा है। मासूमों को दंपती गवाह के तौर पर प्रयोग कर रहे हैं। हालांकि, विभागीय अधिकारी काउंसिलिंग कर दंपती के बीच सुलह कराकर मासूमों को स्कूलों में एडमिशन दिलाने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस तरह के मामलों की बानगी...
केस-1
कैराना की रहने वाली महिला साजिदा की शादी शामली के रहने वाले युवक के साथ 8 साल पूर्व हुई थी। दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई। बेटा कक्षा छह में पढ़ता था। मगर दोनों के झगड़े के कारण बेटे की पढ़ाई बीच में ही छूट गई। हालांकि, सुलह के बाद बेटे को फिर से पढ़ाई के लिए भेजा गया है। मासूम को दंपती गवाह के तौर पर प्रयोग कर रहा था।
केस-2
जलालाबाद की रहने वाली सुनीता की शादी तीन साल पूर्व ही थानाभवन के युवक के साथ हुई थी। सुनीता ने बेटी को जन्म दिया। बेटी नर्सरी में पढ़ रही थी। मगर दोनों के बीच दहेज उत्पीड़न को लेकर रार हो गई। जिसके कारण बेटी की पढ़ाई बीच में ही छूट गई। दंपती के बीच सुलह का प्रयास किया जा रहा है।
केस-3
बागपत के छपरौली की रहने वाली महिला की शादी शामली के काजीवाड़ा के युवक के साथ हुई थी। बेटा कक्षा तीन में पढ़ता था। मगर दंपती के बीच शक के कारण विवाद हो गया। बेटे की पढ़ाई बीच में ही छूट गई है।
केस-4
जलालाबाद की रहने वाली सादिका की शादी झिंझाना के युवक के साथ हुई थी। शादी के तीन साल बाद ही दोनों के बीच विवाद हो गया। बेटा कुछ दिन तक स्कूल में गया मगर इसके बाद दंपती के बीच विवाद हो गया। जिसके कारण मासूम की पढ़ाई छूट गई।
- हर माह सामने आ रहे 5 से 6 मामले
काउंसलर प्रिंसी बताती हैं कि पिछले करीब चार से पांच माह से देखने में आ रहा है कि दंपती के बीच कलह का असर मासूमों के जीवन को भी पूरी तरह से प्रभावित कर रहा है। हर माह 5 से लेकर 6 मामले ऐसे सामने आ रहे हैं, जिनमें माता पिता के झगड़ों की वजह से उनके बच्चों की पढ़ाई बीच में ही छूट रही है। हालांकि, 20 से अधिक मामलों में काउंसिलिंग कर मासूमों को फिर से स्कूल में भिजवाया गया है। कुछ अन्य मामलों में भी सुलह का प्रयास चल रहा है।
- 40 मामलों में हाल ही में कराई गई सुलह
वन स्टाप सेंटर प्रभारी गजाला त्यागी का कहना है कि दंपती के बीच विवाद के चल रहे 40 मामलों में हाल ही में सुलह कराई गई है। देखने में आया है कि मोबाइल शक की सबसे बड़ी वजह है। 30 मामलों में सुलह का प्रयास किया जा रहा है। दंपती से अपील है कि अपने झगड़ों में मासूमों के भविष्य को बर्बाद नहीं करेंं, उन्हें पढ़ाते रहें, वही देश का भविष्य हैं।
- महिलाएं यहां कर सकती है शिकायत, मिलेगी मदद
वन स्टॉप सेंटर शामली की प्रभारी गजाला त्यागी ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए बना हुआ है। यदि किसी महिला के साथ मारपीट, लड़कियों के साथ छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, एसिड अटैक, दहेज उत्पीड़न या अन्य कोई घटना होती है तो उसके लिए वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए कार्य किया जाता है। पीड़ित महिला के पुनर्वास के लिए परामर्श, चिकित्सीय सुविधा, तत्काल पुलिस सहायता, रेस्क्यू वेन आदि उपलब्ध है। महिला या लड़कियों के साथ कोई घटना हो तो तुरंत मदद पाने के लिए 1090 वीमेन पावर लाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 108 एंबुलेंस सेवा, 1076 मुख्यमंत्री हेल्प लाइन, 112 पुलिस आपात सेवा नंबरों पर कॉल कर मदद लें।
संयुक्त परिवाराें का विघटन भी रार की वजह
कांउसर और मनोवैज्ञानिक प्रिंसी और वन स्टाप सेंटर प्रभारी गजाला त्यागी का कहना है कि संयुक्त परिवारों का विघटन भी दंपती के बीच झगड़ों की वजह बनता जा रहा है। जरा जरा सी बातों पर झगड़े के बाद दंपति को परिवार में कोई समझाने वाला नहीं, जिसके कारण दंपति पुलिस और वन स्टाप सेंटर की तरह भागते हैं। दंपति को चाहिए कि बड़ों को मामले की जानकारी देकर गिले शिकवे दूर करें।