शामली। जीवन में शिक्षा का महत्व कितना होता है, उसका उदाहरण शामली के मोहित ने पेश किया। सिर पर सेहरा था, तो गले में माला और हाथों में मेहंदी लगी हुई थी, लेकिन मोहित ने बारात लेकर जाने से पहले परीक्षा देने को महत्वपूर्ण माना। परीक्षा संपन्न करने के बाद ही वह बारात लेकर अपनी ससुराल पहुंचा।
शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी कंवरभान का पुत्र मोहित शामली में भैंसवाल रोड स्थित सेंट आरसी टेक्निकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से इलेक्ट्रानिक एंड मैकेनिकल ट्रेड में डिप्लोमा कर रहा है। उसका रिश्ता सहारनपुर के मानकमऊ निवासी प्रमोद कुमार की पुत्री वैशाली के साथ हुआ। चार दिन पूर्व ही सगाई की रस्म पूरी हुई, जिसके चलते शादी की तारीख भी पक्की हो गई और मंगलवार को उसकी बारात जानी थी।
उसी दिन उसे झिंझाना क्षेत्र के सिकंदरपुर स्थित बलवंती देवी कॉलेज में परीक्षा केंद्र पर ड्राइंग एंड मैथ की परीक्षा भी देनी थी, जिसके चलते मोहित ने स्पष्ट कर दिया कि मैं पहले परीक्षा दूंगा, तभी बारात लेकर सहारनपुर जाऊंगा। परिवार वाले भी उसकी इस बात पर मान गए।
सुबह दस बजे वह फूलों से सजी हुई कार लेकर सिकंदरपुर स्थित बलवंती देवी कॉलेज में परीक्षा देने पहुंचा। जैसे ही मोहित कॉलेज गेट पर फूलो से सजी कार से उतरा, तो वहां मौजूद लोग भी उसे देखकर हैरान हो गए, क्योंकि मोहित दूल्हे की ड्रेस में जो था। इसके बाद गेट पर अपना प्रवेशपत्र दिखाकर वह परीक्षा कक्ष में गया और परीक्षा संपन्न करने के बाद वह अपने साथियों के साथ बारात लेकर सहारनपुर रवाना हो गया।
मोहित के पिता कंवरभान और चाचा सूरज ने बताया कि मोहित ने सही फैसला लिया, क्योंकि जितनी जरूरी शादी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी शिक्षा है। शिक्षा ही प््रगति का एकमात्र माध्यम है।