झिंझाना। अंतरजातीय विवाह करने वाले युवक पर हमले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घायल युवक आकाश के परिजनों ने कहा है कि उन्होंने बेटे की शादी को स्वीकार कर लिया है और साक्षी को अपनी बहू मानते हैं। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि चार नामजद आरोपियों में से सिर्फ दो को ही गिरफ्तार किया गया है, बाकी दो की भी गिरफ्तारी जल्द होनी चाहिए।
ग्राम कच्ची गढ़ी निवासी आकाश ने 31 जनवरी 2025 को सहारनपुर सिविल कोर्ट स्थित श्रीराम मंदिर में साक्षी से हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह किया था। शादी के बाद साक्षी कुछ समय अपने परिजनों के पास रही। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली, तो आकाश पर दबाव और धमकियां शुरू हो गईं। 11 अप्रैल को आकाश ड्यूटी पर जा रहा था, तभी चौसाना मार्ग स्थित लव्वा मोड़ के पास चार लोगों ने उस पर हमला किया।
पहले उसे सड़क पर पीटा गया और फिर जबरन अपने घर ले जाकर भी मारपीट की गई। गंभीर हालत में उसे मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने अब तक विक्रम पुत्र जय सिंह और रोहन पुत्र विक्रम को गिरफ्तार कर धारा 307 में जेल भेजा है। परिजनों का कहना है कि चार आरोपियों में से दो अब भी पकड़ से बाहर हैं, जिनकी जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए।