चौसाना। चौसाना के मजरे सुंदरनगर में व्यापारी के घर में डकैती की वारदात के बाद परिवार दहशत से उबर नहीं पाया है। घटना को याद कर घर की महिला व लड़कियां रो पड़ती है। रात में एक कमरे में परिवार ने जागकर रात बिताई। सुरक्षा की दृष्टि से व्यापारी के घर पर दिन और रात में दो-दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। उधर, 36 घटे बाद भी पुलिस बदमाशों के बारे में कोई पुख्ता सुराग नहीं तलाश पाई है।
चौसाना के मजरे सुंदरनगर निवासी व्यापारी बलवविंद्र उर्फ बिल्लू के घर में मंगलवार रात को घुसे पांच बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर 2.55 लाख की नकदी और जेवर समेत करीब साढ़े आठ लाख रुपये का माल लूट लिया था। इस घटना के खुलासे के लिए पुलिस के साथ एसओजी व सर्विलांस टीम को लगाया गया है, लेकिन 36 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों के चेहरे स्पष्ट न होने के कारण उनकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बना है। पुलिस टीमें आसपास के राज्यों में भी बदमाशों की तलाश में जुटी है।
उधर, डकैती की घटना के दूसरे दिन भी पूरा परिवार दहशत में है। व्यापारी की बेटी रूबी ने बताया कि बदमाशों ने जिस तरह का व्यवहार किया है, उसे वे भूला नही पा रहे है। ऐसा लगता है जैसे बदमाशों की तलवार अभी भी हमारी गर्दन पर रखी है। दहशत के कारण रात में नींद तक नहीं आई। परिवार के सभी लोग एक ही कमरे में बैठे रहे और जागकर रात को बिताया। परिवार की महिला व बेटियां घटना को याद करके बार बार रो पड़ती है।
उधर, सीओ अमरदीप मौर्य ने बताया सुरक्षा की दृष्टि से चार सशस्त्र पुलिसकर्मियों को परिवार की सुरक्षा में तैनात किया है। इनमें दो पुलिसकर्मी सुबह से शाम तक तैनात होंगे तो दो पुलिसकर्मी रात में तैनात रहेंगे।
डीआईजी ने तीन दिन में डकैती के खुलासे का दिया समय
डीआईजी अजय साहनी ने सुंदरनगर पहुंचकर घटना की जानकारी ली थी और इस प्रकरण में पुलिस कार्रवाई और प्रगति को लेकर अधिकारियों से बात की थी। डीआईजी ने घटना के खुलासे के लिए झिंझाना और चौसाना पुलिस को तीन दिन का समय दिया था, लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई पुख्ता सुराग हाथ नहीं लग पाए। अगर तीन दिन में घटना का खुलासा नहीं हो पाता तो इसमें कई पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है।