शामली। यूपी में जर्जर हो चुके असुरक्षित 83 पुलों की सूची जारी की है। जिले की यदि बात की जाए तो यहां पर आठ पुल अभी भी जर्जर अवस्था में हैं। पड़ताल की तो कुछ स्थानों मेरठ-करनाल रोड, पानीपत-खटीमा पर करमूखेड़ी पुल, कैराना, और कांधला में पुराने पुलों के स्थान पर नए पुलों का तो निर्माण करा दिया, मगर पुराने पुलों को बंद नहीं किया गया। जर्जर पुलों पर से प्रतिदिन वाहनों का आवागमन हो रहा हे, जिसके कारण यहां पर कभी भी हादसा हो सकता है। चेतावनी बोर्ड तक यहां पर नहीं लगाए गए हैं।
मेरठ-करनाल रोड पर स्थित पूर्वी यमुना नहर पुल
यह पुल अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा था। जर्जर होने के कारण हादसे की आशंका बनी थी। वर्ष 2007 में जर्जर पुल के बराबर में नए पुल का निर्माण करा दिया गया। लेकिन पुराने पुल को बंद नहीं कराया गया। नए के साथ-साथ पुराने पुल से भी बाइक और कार लेकर वाहन लेकर लोग निकल रहे है।
शामली से मालैंडी दुल्लाखेडी मार्ग
यह पुल अंग्रेजी जमाने का बना हुआ है। पुराने पुल के स्थान पर नया पुल बनाने की तरफ विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण कार, ट्रक और अन्य वाहन चालक जर्जर पुल से ही आवागमन करने को मजबूर हैं। पुल पर न कोई चेतावनी बोर्ड लगा है न ही लोगों को रोकने के लिए दीवार बनाई गई है। जिसके कारण यहां पर कभी भी हादसा हो सकता है।
बघेव से गोहरनी मार्ग का पुल
यह पुल भी पूरी तरह से जर्जर हो चुका है मगर कुछ दिन पूर्व ही इस पुल पर लोगों के आवागमन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। जिसके कारण यहां पर हादसों से भी बचा जा सकेगा।
कैराना का जर्जर पुल
साठ के दशक में बना यमुना नदी का पुराना पुल जर्जर हो चुका है। पुराने पुल के बराबर में ही छह लाइन का नया पुल बनाया गया, जिस पर वाहनों का आना जाना जारी है। लेकिन पुराने पुल को न तो बंद किया गया और न ही खतरे का चेतावनी बोर्ड लगाया। जिस कारण पुराने पुल से भी स्थानीय वाहन चालक गुजरते हैं।
कांधला का पूर्वी यमुना नहर पुल
अंग्रेजो के जमाने का पुल अपनी मियाद समय पूरा कर चुका है। पुल के बराबर में नया पुल बनाया गया है। मगर अभी भी पुराने पुल से वाहनों का आवागमन हो रहा है। पुल को गिराया नहीं जा जा सका है, जिसके कारण यहां पर हादसा हो सकता है।
यह बोले लोग
ग्रामीण प्रताप सिंह, उदयवीर सिंह, सोनू कुमार, डाॅ. नफीस खान जर्जर घोषित किए गए पुलों पर आवागमन पूरी तरह से बंद होना चाहिए। तभी हादसों से बचा जा सकता है। मगर विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
पुराने पुलों के स्थान पर नए पुलों के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। कई पुल सिंचाई विभाग के अधीन है। विभाग के अंतर्गत आने वाले पुलों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। - सनत गुप्त रिषी, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग शामली
जर्जर पुलों की समस्या गंभीर है। सरकार ने भी कई पुल असुरक्षित घोषित कर दिए हैं। जल्द पुलों की समस्या से लोगों को निजात दिलाई जाएगी।। - प्रसन्न चौधरी, विधायक
जर्जर पुलों का मामला पूर्व में भी विस में उठाया जा चुका है। विभागीय अधिकारियों को जर्जर पुलों पर आवागमन बंद करने के लिए कहा जाएगा। लोगोंं को परेशानी नहीं होने दी जाएगी - अशरफ अली, विधायक