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तटबंध हैं कमजोर, कैसे रोकेगा पानी का जोर

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चौसाना क्षेत्र के गांव नाईनगंला यमुना नदी के पास तटबंध - फोटो : SHAMLI
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तटबंध हैं कमजोर, कैसे रोकेगा पानी का जोर
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शामली/कैराना/चौसाना। बीते कई दिनों से पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। मुजफ्फरनगर, बिजनौर और मेरठ जिले के गांवों में बाढ़ के हालात है। यदि इसी तरह यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई तो हालात यहां भी ऐसे हो सकते हैं। सबसे बड़ा खतरा जगह-जगह खस्ताहाल तटबंध का है। करीब 52.73 किमी लंबे तटबंध में जगह-जगह दरारें हैं। इन दरारों के कारण तटबंध पानी का दबाव नहीं झेल सकता।
प्रशासन बरसात से पूर्व तटबंध की मरम्मत कराता था, लेकिन इस बार यह कार्य नहीं हुआ। यमुना तटबंध में मामौर, मवी, हैदरपुर, नगला राई, मंडावर के पास कई दरारें हैं। चौसाना क्षेत्र में नई नंगला गांव के सामने भी कई बड़ी दरारें हैं। ये दरारें कहीं-कहीं तो 100 मीटर की दूरी पर ही हैं, जबकि कहीं आधा किमी की दूरी पर हैं। यदि इन दरारों को दुरुस्त नहीं किया गया तो बरसात के दिनों में इनका आकार और बढ़ जाएगा तथा तटबंध कमजोर हो जाएगा।
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यमुना में तटबंध को बचाने के लिए साल्हापुर व नाईनंगला गांव में बनाए गए स्टड्स की हालत भी खस्ता है। ठोकर संख्या छह से नौ तक बदहाल हैं। पिछले साल इनकी मरम्मत का काम शुरू कराया गया था, लेकिन समय पर पूरा नहीं हो सका था। इसके बाद इनकी सुध नहीं ली गई। नाई नंगला के पूर्व प्रधान देवेंद्र सिंह ने बताया कि हरियाणा की ओर से 500 मीटर उत्तर प्रदेश की ओर तक ठोकरें बना दी गईं हैं। इससे पानी का जोर शामली जनपद की ओर रहता है।
नाईनगला की तरफ बनी ठोकरें कमजोर हैं। यह पानी का दबाव नहीं झेल सकती। वह बताते हैं कि सन 1978 में भी ऐसे ही हालात पैदा हुए थे जब दोनों गांवों के बीच बनी ठोकर संख्या छह तेज बहाव में टूट गई थी। ग्रामीण राजबीर का कहना है कि मानसून के आने के बाद यमुना नदी में जलस्तर बढ़ जाता है। ठोकरों के कमजोर होने के कारण लोग डरे रहते हैं।
बोले ग्रामीण, तटबंध की कराई जाए मरम्मत
गांव मवी निवासी अनुज ने बताया कि तटबंध में जगह-जगह दरारें हैं। बरसात शुरू होने से पहले इसकी मरम्मत करा देनी चाहिए। परवेज का कहना है कि यदि यमुना में ज्यादा पानी आया तो तटबंध को नुकसान हो सकता था। इसलिए पहले ही मरम्मत कार्य करा लेना चाहिए। नगला राई निवासी इमरान का कहना है कि 2013 में कई पशु बाढ़ के पानी में बह गए थे। हजारों बीघा फसल डूब गई थी। क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत समय रहते हो जानी चाहिए ताकि फिर से ऐसे हालात न हों। मवी निवासी मोमीन का कहना है कि तटंबध से ही यमुना के पानी से गांव बचे हुए हैं। यदि तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया तो गांवों को बचा पाना मुश्किल होगा।
2013 में यमुना ने मचाई थी भयंकर तबाही
शामली। वर्ष 2013 में ताजे वाला बांध से यमुना में सात लाख क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड छोड़ा गया था। यमुना पुल की हरियाणा की तरफ एक किमी सड़क और हरियाणा पुलिस चौकी बह गई थी। मवी के पास तटबंध टूटने से बाढ़ का पानी मवी, मामौर, सहपत आदि गांवों में घुस गया था जिससे सैकड़ों मकान धराशाई हो गए थे। सहपत में एक किशोरी की मौत भी हो गई थी।
तटबंध के किनारे बसे गांव
बिड़ौली, केरटू, रामड़ा, हैदरपुर, गढ़ी मुस्लिम, भड़ी कोरियान, भड़ी मुस्तफाबाद, साल्हापुर, मंगलौरा, ख्याजपुरा, कलरी, मंडावर, इस्सोपुर खुरगान, भड़ी भरतपुर, सकौती नाईनंगला, मामौर, मोहम्मदपुर राई, मवी अहतमाल, बसेड़ा, नंगला राई, पढ़ेड, बल्हेडा, चौतरा, सहपत, चौसाना कदीम, म्यान कस्बा, उदपुर, भट्टी माजरा, शीतलगढ़ी।
कैराना में यमुना जलस्तर अधिकतम क्षमता: 232.75 मीटर
कैराना में यमुुना में बाढ़ का खतरे का निशान: 230.85 मीटर
यमुना में बाढ़ चेतावनी: 230 मीटर
यमुना में सामान्य जल स्तर 227.58 मीटर
बाढ़ चौकियां सक्रिय कीं, बनाया गया कंट्रोल रूम
ड्रेनेज खंड शामली के सहायक अभियंता विनोद कुमार का कहना है कि अभी यमुना में जलस्तर सामान्य चल रहा है। जल्द ही तटंबध की मरम्मत व अन्य सुरक्षा उपाय कराए जाएंगे। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि यमुना किनारे तटबंध की स्थिति ठीक है। तहसील प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। राहत शिविर के लिए कैराना और झिंझाना में स्थानों का चयन कर लिया गया है। संबंधित विभागों ने जरूरी तैयारियां कर ली हैं।
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4.50 करोड़ से कलरी और चौतरा में बने स्टड
ड्रेनेज खंड ने यमुना किनारे बसे गांव कलरी और चौतरा को बचाने के लिए 4.50 करोड़ रुपये की लागत से स्टड का निर्माण पूरा करा दिया है। वर्ष 2015-16 में इन दोनों गांवों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। डीएम जसजीत कौर के अनुसार दो साल पहले दोनों गांवों को बचाने के लिए 4.50 करोड़ की धनराशि अवमुक्त होने के बाद दोनों गांवों के बचाने के लिए बाढ़ राहत परियोजना को पूरा कर लिया गया है।

चौसाना क्षेत्र के गांव नाईनगंला यमुना नदी के पास तटबंध- फोटो : SHAMLI

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