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मानवाधिकारों की दुहाई, व्यवहार में नहीं होता पालन

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मानवाधिकारों की दुहाई, व्यवहार में नहीं होता पालन
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राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर विशेष
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले के थानों में मानवाधिकार संरक्षण के बोर्ड लगे हुए हैं। पुलिस मानवाधिकारों का संरक्षण करने के दावे करती है, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि व्यवहार में पुलिस द्वारा उनका कम ही पालन किया जाता है। अवैध रूप से हिरासत में रखना, पीड़ित की तत्काल प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज न करना, नियम विरुद्ध आरोपी को हथकड़ी लगाना और पीड़ित से दुर्व्यवहार करने आदि मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। पूर्व में पुलिस द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन के मामले सामने आ चुुके हैं, जिन पर मानवाधिकार आयोग द्वारा संज्ञान लिया गया। हालांकि पुलिस अधिकारियों का दावा है कि थानों में पुलिस द्वारा मानवाधिकारों का पूर्णतया पालन कराया जाता है।
केस-एक:
वर्ष 2015 में शामली के कमला कॉलोनी निवासी व्यापारी राकेश गोयल के भाई अजय उर्फ बबलू कुमार को पुलिस द्वारा अवैध रूप से हिरासत में रखकर गंभीर यातनाएं देने का मामला उस समय चर्चाओं में रहा था। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन कोतवाल समेत पांच पुलिसकर्मियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इस प्रकरण की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की गई थी। आयोग ने इस पर संज्ञान लेकर इसे मानवाधिकार का उल्लंघन माना था। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
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केस-दो:
पिछले साल जून 2019 में थाना जीआरपी शामली द्वारा युवक के साथ मारपीट कर अमानवीय व्यवहार करने का मामला भी चर्चाओं में रहा है। इस मामले में तत्कालीन जीआरपी थाना प्रभारी निलंबित हुए थे। इस प्रकरण की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की गई थी, जिस पर आयोग ने संज्ञान लेते हुए डीजीपी से रिपोर्ट मांगी थी। यह मामला भी लंबित चल रहा है।
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मानवाधिकार संबंधी आयोग के निर्देश
- थाने पर आने वाले हर पीड़ित की रिपोर्ट अवश्य लिखी जाए।
- थाने लाए गए व्यक्ति से मारपीट या अमानवीय व्यवहार नहीं किया जाएगा।
- गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के अंदर सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा।
रिमांड पर लिए गए व्यक्ति का प्रत्येक 48 घंटे में चिकित्सा परीक्षण अवश्य कराया जाएगा।
किसी भी महिला को थाने पर अकारण नहीं रोका जाएगा।
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कोट
जनपद के सभी थानों में मानवाधिकार संरक्षण के बोर्ड लगाए गए हैं। मानवाधिकार उल्लंघन की कोई मामला सामने नहीं आया है। सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों का मानवाधिकार आयोग के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
- राजेश कुमार श्रीवास्तव, एएसपी।
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