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जमानत खारिज होते ही छावनी में तब्दील हुई कचहरी

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कैराना (शामली) कोर्ट परिसर में कोतवाली प्रभारी की गाड़ी में बैठे विधायक नाहिद हसन। - फोटो : SHAMLI
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जमानत खारिज होते ही छावनी में तब्दील हुई कचहरी
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कैैराना(शामली)। जमीन के बैनामे में धोखाधड़ी के मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे सपा विधायक नाहिद हसन कैराना स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट पहुंचे। उनके साथ उनके अधिवक्ता और दर्जनों समर्थक मौजूद थे। जमानत याचिका पर काफी देर तक कोर्ट में बहस चली। इसके बाद कोर्ट के फैसले का इंतजार शुरू हो गया। जितनी देर होती गई, उतनी ही भीड़ कचहरी परिसर में बढ़ने लगी थी।
शाम को जैसे ही विधायक की जमानत खारिज होने की सूचना आई तो कचहरी परिसर में लोगों की भीड़ और अधिक बढ़नी शुरू हो गई। सीओ प्रदीप सिंह, एसडीएम मणि अरोरा के अलावा कैराना कोतवाली से भारी पुलिस बल कचहरी परिसर पहुंच गया। कुछ ही देर में झिंझाना और कांधला थाने से भी फोर्स बुला लिया गया। मुकदमे के विवेचक भी वहीं मौजूद थे। खुफिया टीम भी पहुंच गई। पुलिस बल ने वहां जमा हुई भीड़ को बाहर निकाला। पुलिस ने कचहरी का बड़ा गेट बंद कर लिया। केवल अधिवक्ता और कुछ मीडिया कर्मी ही वहां मौजूद रहे।
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कोर्ट परिसर में बुलाए डाक्टर
कैराना। पुलिस भांप गई थी कि यदि विधायक को डॉक्टरी के लिए अस्पताल ले जाया गया, तो बाहर भीड़ जमा हो सकती है जिससे माहौल गरमा सकता है। लिहाजा पुलिस ने उच्चाधिकारियों से वार्ता की और सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की टीम को कोर्ट परिसर में ही बुलवा लिया और वहीं पर विधायक का मेडिकल कराया गया।
डेढ़ सेक्शन पीएसी ने संभाली कमान
कैराना। कस्बा कैराना पहले से ही संवेदनशील है। इसलिए ही पुलिस ने देर नहीं की और कसबे में डेढ़ सेक्शन पीएसी बल को बुला लिया गया। पीएसी के जवान रात को कस्बे में ही डटे हुए हैं। पुलिस बल भी गश्त कर रहा है और हालात पर नजर रखे है।
विधायक समर्थक हुए मायूस
कैराना। शुक्रवार अपराह्न करीब सवा चार बजे जैसे ही विधायक नाहिद हसन की जमानत खारिज होने की बात कस्बे में फैली तो उनके समर्थकों में मायूसी छा गई। नाहिद हसन को देखने उनके सैकड़ों समर्थक कचहरी के बाहर जमा हो गए। देर रात को उनके आवास के बाहर भी भीड़ नजर आई।
कोतवाली पुलिस की कार से भेजा जेल
कैराना। कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद विधायक नाहिद हसन को कैराना कोतवाली पुलिस की सरकारी गाड़ी द्वारा जिला जेल ले जाया गया। गाड़ी के अंदर विधायक के अलावा तीन सब इंस्पेक्टर और कोतवाली प्रभारी यशपाल धामा मौजूद थे। उनके पीछे ही सीओ प्रदीप सिंह भी अपनी सरकारी गाड़ी से साथ चल रहे थे।
अंजाम चाहे कुछ हो मजलूमों का साथ देता रहूंगा - नाहिद
कैराना। जमानत खारिज होने के बाद जेल जाने के लिए पुलिस की गाड़ी में बैठते समय भी विधायक के चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं दिखी। उन्होंने गाड़ी में बैठने से पहले अंगुली उठाते हुए कहा कि गरीबों और मजलूमों का साथ देते रहेंगें। फिर अंजाम कुछ भी हो, उनके हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे।
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- यह था मामला
कैराना। जनवरी 2018 में कैराना निवासी मौहम्मद अली ने सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन और उनकी मां पूर्व सांसद तबस्सुम बेगम सहित 9 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें जमीन के बैनामे के दौरान 80 लाख 87 हजार की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। 23 सितंबर 2019 को मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने नाहिद हसन के आवास पर दबिश दी थी। बाद में विधायक के आवास पर कुर्की नोटिस चस्पा कर दिए थे। केस में जिला न्यायालय से अंतरिम जमानत होने के बाद हाईकोर्ट ने विधायक को एक माह का समय देते हुए निचली अदालत में पेश होने के आदेश दिए थे। इसके बाद विधायक नाहिद हसन के अधिवक्ता ने कोर्ट में पेश होने के लिए सुप्रीम कोर्ट से एक माह का समय और मांगा था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई समयावधि के अनुसार गत 17 जनवरी को नाहिद हसन कैराना स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश हुए। जहां उन्हें अंतरिम जमानत देते हुए रेग्यूलर जमानत पर सुनवाई के लिए 24 जनवरी को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए गए थे।

कैराना (शामली) कोर्ट परिसर में तैनात पुलिसकर्मी।- फोटो : SHAMLI

कैराना (शामली) कोर्ट परिसर में तैनात पुलिसकर्मी।- फोटो : SHAMLI

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