शामली, कांधला। कस्बे में मदरसा जामिया आयशा लिलबनात की वार्षिक परीक्षा मौलाना सुल्तान रशीदी बुंटवी की दुआ के साथ समाप्त हुई। परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को प्रोत्साहित किया गया।
मौलाना सैयद बदरुल हुदा कासमी की अध्यक्षता में आयोजित समारोह की शुरुआत नसरीन खातून और फातिमा की नात नबी की तिलावत से हुई। निजामत मौलाना सैयद मजहरूल हुदा कासमी ने किया। मौलाना सुल्तान रशीदी बुंटवी ने कहा कि देश अभी भी लड़कियों की शिक्षा के प्रति पूरी तरह से जागृत नहीं हुआ है, लेकिन इसने जड़ जरूर जमा ली है। जिसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र बच्चों की शिक्षा के मामले में काफी पिछड़े हुए हैं।
मौलाना सैयद बदरूल हुदा कासमी ने कहा कि एक पढ़ी-लिखी लड़की पूरे परिवार के लिए रोशनी का बड़ा स्रोत बन जाती है, जबकि अशिक्षा के कारण अंधेरे का शिकार होने का डर बना रहता है। शिक्षा ही अच्छे बुरे की पहचान कराता है। समाज को हर दौर में पढ़े लिखों की आवश्यकता रही है। देश में जितना शिक्षा का स्तर अच्छा होगा उतना ही देश उन्नति करेगा। इसलिए हर देशवासी को शिक्षा पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि देश तरक्की कर सकें। कार्यक्रम का आयोजन कर रहे मौलाना सैयद मजहरूल हुदा कासमी ने क्षेत्र की शैक्षिक स्थिति पर प्रकाश डाला।