शामली। विकास कार्याें में निधि खर्च करने में विधायक और एमएलसी आगे हैं, जबकि सांसद उनसे काफी पीछे चल रहे हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में सांसद को ढाई करोड़ की निधि मिली, लेकिन उन्होंने अभी तक एक रुपया भी खर्च नहीं किया। शामली विधायक प्रसन्न चौधरी व थानाभवन विधायक अशरफ अली खान ने अपनी निधि खर्च कर दी। कैराना विधायक नाहिद हसन भी आधी निधि खर्च कर पाए हैं। एमएलसी वीरेंद्र सिंह को तीन करोड़ रुपये निधि के मिले थे, जो पूरे खर्च हो चुके हैं।
केंद्र सरकार सांसद व प्रदेश सरकार विधायकों को अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए निधि आवंटित करती है। सांसद को विकास के लिए पांच करोड़ मिलते हैं। पिछले वर्ष प्रदेश सरकार ने भी एमएलसी और विधायकों निधि बढ़ाकर पांच-पांच करोड़ कर दी थी। जनप्रतिनिधि सड़क का निर्माण, यात्री शेड निर्माण, स्कूलों में कंप्यूटर लैब, स्कूल में कमरों का निर्माण, गरीबों की बीमारी आदि कार्यों पर धनराशि को खर्च करते है। सांसद प्रदीप चौधरी को वर्तमान वित्तीय वर्ष में ढाई करोड़ रुपये की निधि मिली है, लेकिन इसको खर्च करने के लिए सांसद की तरफ से अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है। जबकि जिले में विधायक लगातार अपनी-अपनी धनराशि खर्च कर रहे हैं। एमएलसी के लिए तीन करोड़ की धनराशि आई थी, जो विकास कार्यों पर खर्च हो चुकी है।
शामली विधायक ने 276.39 लाख, थानाभवन विधायक ने 265.97 लाख और कैराना विधायक ने 163.63 लाख रुपये की धनराशि खर्च कर दी है। इन्हें एक साल में तीन करोड़ की धनराशि मिलती है। थानाभवन व शामली विधायक का निधि खर्च करने पर अधिक ध्यान है।
- विधायकों की अधिकतर निधि खर्च हो चुकी है। सांसद की दो करोड़ की किश्त आई थी वह खर्च हो गई है। अभी कुछ दिन पहले ही ढाई करोड़ की सांसद निधि आई है और इसको खर्च करने के लिए सांसद से प्रस्ताव मांगे गए है। - शैलेन व्यास, जिला विकास अधिकारी शामली
- अपनी निधि से विकास कार्य कराने के लिए प्रस्ताव दिए हैं। ढाई करोड़ में से डेढ़ करोड़ के प्रस्ताव शामली जिले के लिए और करीब एक करोड़ के प्रस्ताव गंगोह व नकुड़ विधानसभा क्षेत्र में प्रस्ताव प्रशासन को दिए हैं। - प्रदीप चौधरी, सांसद।