शामली। युद्ध का असर जिले की माचिस, धूपबत्ती और अगरबत्ती बनाने की इकाइयों पर पड़ने लगा है।
खाडी के देश ईरान आदि से आने वाला कच्चा माल मोम, सल्फर, प्लास्टिक दाना के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है। माचिस में प्रयोग होने वाले में मोम 100 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति किलो, सल्फर में 35 रुपये से 70 रुपये प्रति किलो की बढ़ोत्तरी हुई है। कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में माचिस, धूपबत्ती व प्लास्टिक की चम्मच बनाने के कारोबारी अनुज गर्ग ने बताया कि एक माह में 80 लाख माचिस बनती थी, लेकिन माल महंगा होने से उत्पादन व मांग कम होने से 50 लाख माचिस बन रही है। इसी प्रकार धूपबत्ती के उत्पादन में गिरावट आई है। कच्चा माल मंहगा होने से आइस्क्रीम और दही के कप बनाने वाली छोटी इकाइयां को चलाना मुश्किल हो गया है।