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Shamli News: केंद्रीय टीम ने परखी स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता

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शामली सीएचसी में निरीक्षण करती केंद्रीय टीम की सदस्य डॉ शमीम रिजवाना - फोटो : SHAMLI
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केंद्रीय टीम ने परखी स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता
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शामली। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की दो सदस्यीय टीम ने सीएचसी में पहुंचकर गुणवत्ता की जांच की। टीम ने एक्सरे, ब्लड स्टोरेज यूनिट, लैब, इमरजेंसी आदि की बारीकी से जांच कर ऑनलाइन फीडिंग की गई और टीम स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यदि 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त होते हैं तो उनको तीन लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीएचसी की गुणवत्ता की जांच करने के लिए टीम गठित करती है और वह आकर देखती है कि यहां मरीजों को ठीक से उपचार दिया जा रहा है या नहीं। उन्हें जो ब्लड चढ़ाया जाता है उससे इंफेक्शन तो नहीं होता है। यहां जन्म लेने वाले बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र समय पर बन रहे है या नहीं और एक्सरे की सुविधा ठीक से मरीजों को मिल रही है या नहीं आदि बिंदुओं पर जांच करने के लिए टीम पहुंची। टीम में हैदराबाद से डा. शमीम रिजवाना सलाहकार ग्लोबन अस्पताल व ए. सुरेश बाबू सलाहकार पटना अस्पताल से पहुंचे। उनके पहुंचने से पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली थी और अस्पताल को पूरी तरह से सजाया गया था। टीम ने ओटी, ब्लड स्टोरेज यूनिट, लैब, इमरजेंसी, एक्सरे आदि की जांच की और जांच करने के बाद उनकी ऑनलाइन फीडिंग कर दी गई है। टीम के अस्पताल में शाम तक रहने से स्वास्थ्य विभाग में हडकंप मचा रहा। टीम के पहुंचने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि केंद्र सरकार की दो सदस्यीय टीम ने आकर निरीक्षण किया है। टीम अपनी रिपोर्ट भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपेंगी। यदि उनको 70 प्रतिशत अंक प्राप्त होते हैं, तो पुरस्कार के रूप में तीन लाख रुपये दिए जाएंगे, जो मरीजों की सुविधा पर खर्च किए जाते है। इस दौरान डॉ. साकेत अरोरा, डा. स्वाति अहलावत, डा. उत्कृष्ट प्रजापति, सीएचसी अधीक्षक डा. रामनिवास, डा. दीपक चौधरी आदि मौजूद रहे।
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मरीजों को नहीं घुसने दिया अंदर
शामली। नगर के स्वास्थ्य केन्द्र पर केंद्रीय टीम के आने की सूचना पर गेट बंद कर दिया गया था और मरीजों को अंदर तक नहीं घुसने दिया। यदि कोई मरीज अंदर जाने का प्रयास करता था तो उसको धक्के दिए जा रहे थे। इससे मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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