कांधला/शामली। गांव डूंगर निवासी छात्र प्रियांशु मंगलवार को अपने घर से मां से कहकर कांधला स्थित कॉलेज के लिए निकला था। बदनसीबी देखिए कि शाम सात बजे घर प्रियांशु नहीं बल्कि उसका शव पहुंचा। छात्र का शव घर पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। महिला बेटे को याद कर रोते बिलखते हुए लोगों से कह रही थी कि कोई मुझे उससे मिला दे। परिवार के सदस्यों ने प्रियांशु की मां को ढांढस बंधाया। परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा।
गांव डूंगर निवासी कंवरपाल के दो बेटे थे, जिनमें बड़ा बेटा प्रियांशु और छोटा बेटा पारस था। पारस की सात साल पूर्व कृष्णा नदी में नहाते समय डूबने के कारण मौत हो गई। मंगलवार को जब कांधला में प्रियांशु की हत्या हुई और उसकी सूचना गांव डूंगर में परिजनों तक पहुंची तो कोहराम मच गया। शाम सात बजे पोस्टमार्टम के बाद प्रियांशु का शव पहुंचते ही परिवार के सदस्य बिलख पड़े। प्रियांशु की मां बबीता फफक फफक कर रोने लगी। गांव की महिलाओं का उनके घर पर जमावड़ा लग गया। महिलाएं प्रियांशु की मां बबीता को ढांढस बंधाती रहीं, लेकिन वह रोते रोते बेसुध तक हो गई। परिवार पर आई मुसीबत के कारण गांव में शोक छाया हुआ है।
कॉलेज नहीं आया था प्रियांशु : प्रधानाचार्य : कांधला। नेशनल इंटर कॉलेज कांधला के प्रधानाचार्य सुशील कुमार ने बताया कि प्रियांशु ने उनके विद्यालय में कक्षा-9 में दाखिला लिया था। उत्तीर्ण होने के बाद वह इस साल 10वीं की पढ़ाई कर रहा था। कॉलेज में उसकी दोस्ती गांव भभीसा निवासी छात्र विशाल के साथ थी। कॉलेज में उसकी कोई शिकायत कभी नहीं रही। मंगलवार को प्रियांशु और विशाल कॉलेज नहीं पहुंचे थे।
हत्याभियुक्तों की गिरफ्तारी से खुलेगा हत्या का राज : कांधला। फिलहाल प्रियांशु के ताऊ मैनपाल की तरफ से कांधला थाना पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसमें गांव सरनावली निवासी निखिल पुत्र अजेंद्र और कपिल पुत्र सहेंद्र को नामजद किया गया है, जबकि तीन अज्ञात आरोपी भी वारदात में शामिल बताए हैं। पुलिस को यह भी पता चला है कि करीब एक महीना पूर्व कांधला में छात्रों के दो गुटों में मारपीट हुई थी। प्रियांशु की हत्या को उस घटना से जोड़कर भी जांच चल रही है। हालांकि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह स्पष्ट होगा कि प्रियांशु की हत्या के पीछे क्या वजह रही।