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जवान का शव आते ही मचा कोहराम, 13 घंटे बाद अंतिम संस्कार

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शामली : लांक गांव में बीएसएफ के जवान विकास कुमार के अंतिम संस्कार पर सलामी देते। - फोटो : SHAMLI
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शामली: पश्चिमी बंगाल के नदिया जिले में तैनात गांव लांक निवासी बीएसएफ जवान विकास कुमार का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 6.20 बजे गांव लाया गया तो कोहराम मच गया। जवान की बीते रविवार की रात गोली लगने से मौत हो गई थी। शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर दिन भर हंगामा होता रहा। करीब 13 घंटे बाद अधिकारियों के हर संभव मदद के आश्वासन पर अंतिम संस्कार किया गया।
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विकास कुमार (25) पुत्र भंवर सिंह कश्यप कांस्टेबल जीडी के पद पर 2013 में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती पश्चिमी बंगाल में नदिया जिले के सीमानगर में थी। जवान के पार्थिव शरीर को चौथे दिन फ्लाइट से दिल्ली और उसके बाद बीएसएफ के वाहन से गांव लेकर आए। पैर और हाथ के नाखून उखड़े देख विकास कुमार की बीएसएफ में ही तैनात पत्नी पंपा मेहता, पिता व अन्य परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। इसे लेकर काफी हंगामा रहा। ग्रामीणों की मांग पर दोपहर में डीएम जसजीत कौर ने पश्चिमी बंगाल से रिपोर्ट आने पर दोबारा पोस्टमार्टम का आश्वासन दिया लेकिन इस पर ग्रामीण नहीं माने। वे शहीद का दर्जा देने की मांग पर अड़े रहे। इसे लेकर गांव में दिन भर गहमागहमी का माहौल रहा। करीब 13 घंटे बाद शाम 7.40 बजे अधिकारियों के हर संभव मदद के आश्वासन पर जवान के शव का गांव के ही श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। जवान के भतीजे वरुण ने मुखाग्नि दी। साथ आए बीएसएफ जवानों ने सलामी दी और आसपास का क्षेत्र भारत माता की जयकार से गूंज उठा।

लांक गांव के शमशान घाट पर जलती बीएसएफ जवान विकास कुमार की चिता।- फोटो : SHAMLI

लांक गांव में विकास कुमार के अंतिम संस्कार पर सलामी देते बीएसएफ जवान।- फोटो : SHAMLI

शामली क्षेत्र के लांक निवासी बीएसएफ जवान विकास कुमार का फाइल फोटो।- फोटो : SHAMLI

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