कांधला। अमरनाथ यात्रा से लौटीं कांधला निवासी विनीता शर्मा बेहद घबराई हुई हैं। बाबा बर्फानी के दर्शन करने के बाद 10 जुलाई को जब बाल टाल कैंप से उनके साथ अन्य तीर्थ यात्रियों को वाहनों से जम्मू के लिए रवाना किया गया, तो रास्ते में उनके काफिले पर पथराव कर दिया गया। विनीता का कहना है कि यदि सेना के जवान उनके साथ न होते तो अनहोनी हो सकती थी।
मोहल्ला कानूनगोयान निवासी विनिता शर्मा शिव मंदिर की पुजारी हैं। वह 30 जून को अमरनाथ यात्रा के लिए गई थीं। मंगलवार रात वह कांधला लौटीं तो उनके चेहरे पर खौफ साफ दिखाई दे रहा था। उन्होंने बताया कि सात जुलाई तक कश्मीर के हालात सामान्य थे। दर्शन के बाद आठ जुलाई को बाल टाल कैंप पर लौट आई थीं।
आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में हिंसा भड़क उठी थी और बलवाइयों ने अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। सभी तीर्थ यात्रियों को सेना ने सुरक्षा घेरे में ले लिया और कैंप से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई।
बाहर से खबरें आ रही थीं कि तीर्थ यात्रियों पर हमले किए जा रहे हैं। डरे सहमे लोगों को सेना के जवान धीरज बंधा रहे थे। वे कह रहे थे कि सेना आपके साथ है, आपका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। फिर 10 जुलाई की रात सेना के कहने पर बेेस कैंप खाली कर उन्हें वाहनों में बैठा दिया गया। रात 10 बजे गाड़ियों का काफिला भारी सुरक्षा के बीच रवाना हुआ। रास्ते में जगह जगह गाड़ियों पर पथराव हुुआ, जिससे सभी यात्री दहशत में आ गए। कई यात्री खौफ के चलते बेहोश तक हो गए।
उपद्रव मचाने वाले पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। यात्रा से लौटने के बाद आज भी विनीता शर्मा के चेहरे पर खौफ साफ नजर आता है। उनका कहना है कि सेना की सुरक्षा में हम लोग अपने घर सुरक्षित लौट पाए। इन हालातों में श्रद्धालु वहां यात्रा पर भी जाना बंद कर देंगे। भारत सरकार को उपद्रवियों से सख्ती से निपटना चाहिए ताकि तीर्थ यात्रा के दौरान कोई परेशानी सामने ना आ सके।