शामली। ड्राइविंग लाइसेंस व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन टेस्ट प्रणाली लागू की गई थी, लेकिन शामली में दलालों ने इस व्यवस्था में भी सेंध लगा दी है। पड़ताल के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि लर्निंग लाइसेंस के लिए होने वाले ऑनलाइन टेस्ट को आवेदक नहीं, बल्कि दलाल हल कर रहे हैं। आवेदक को केवल कैमरे के सामने बैठाया जाता है, जबकि दूसरे कंप्यूटर से दलाल प्रश्नों के उत्तर भरकर उसे पास करा देते हैं। एआरटीओ कार्यालय के बाहर सक्रिय दलाल खुलेआम तीन से चार हजार रुपये लेकर लाइसेंस बनवाने और टेस्ट पास कराने का दावा कर रहे हैं।
टेस्ट की चिंता छोड़ो, लाइसेंस हम बनवा देंगे
पड़ताल के दौरान एक दलाल ने कहा कि तीन हजार रुपये में लर्निंग लाइसेंस बन जाएगा और टेस्ट की कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। दलाल ने कहा कि आपको जहां कहा जाए वहां बैठना होगा, बाकी काम हो जाएगा। उसने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर 900 रुपये अग्रिम जमा कराने को कहा और मोबाइल पर मैसेज आने के बाद दोबारा मिलने के लिए कहा।
ऊपर तक सेटिंग है, तभी काम होता है
एक अन्य दलाल ने कहा कि ऑनलाइन टेस्ट को पास करना आम व्यक्ति के लिए आसान नहीं है, इसलिए अधिकांश लोग उनकी मदद लेते हैं। दलाल ने यहां तक कहा कि ऊपर तक रुपये देने पड़ते हैं, तभी काम होता है।
पांच मिनट में पास हो गया टेस्ट
पड़ताल के दौरान मोबाइल पर मैसेज आने के बाद आवेदक को एक कंप्यूटर पर कैमरे के सामने बैठाया गया। इसके बाद दलाल दूसरे सिस्टम पर बैठ गया और प्रश्नों के उत्तर भरने लगा। आवेदक केवल स्क्रीन देखता रहा, जबकि टेस्ट का संचालन दलाल करता रहा। करीब पांच मिनट में परीक्षा पूरी हो गई और कुछ ही देर बाद लर्निंग लाइसेंस की प्रति भी उपलब्ध करा दी गई।
बाहर से लेकर अंदर तक सक्रिय हैं बिचौलिए
एआरटीओ कार्यालय के बाहर कई दलालों ने फोटोस्टेट, ऑनलाइन सेवा केंद्र और दस्तावेज तैयार करने की दुकानों को अपना ठिकाना बना रखा है। लोगों का कहना है कि कार्यालय आने वाले अधिकांश नए आवेदकों को सबसे पहले यही लोग घेर लेते हैं और जल्दी काम कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलते हैं।
दलालों द्वारा रुपये लेने का मामला गंभीर है। यदि इस तरह की गतिविधियां सामने आती हैं तो अभियान चलाकर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दलाल को बख्शा नहीं जाएगा। - प्रवेश कुमार, एआरटीओ
एआरटीओ कार्यालय के आसपास दलालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से अपील है कि वे किसी बिचौलिए के माध्यम से काम न कराएं और सीधे विभागीय प्रक्रिया का पालन करें। - आलोक यादव, जिलाधिकारी
कल पढ़िए... कई-कई दिन तक ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य कार्यों के लिए कार्यालय के चक्कर काटते रहते हैं आवेदक, जबकि दलाल कुछ घंटों में काम कराने का दावा कर वसूल रहे मोटी रकम।