शामली। हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड अब यूपी पुलिस के प्रशिक्षण का हिस्सा बनेगा। प्रदेश की पुलिस अकादमियों में प्रशिक्षु दरोगाओं को इस चर्चित हत्याकांड की विवेचना और आरोपियों तक पहुंचने की पुलिस की रणनीति केस स्टडी के रूप में पढ़ाई जाएगी।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशिक्षु दरोगाओं को जांच के दौरान अपनाई गई कार्रवाई और तकनीकी साक्ष्यों के इस्तेमाल की बारीकियां समझाई जाएंगी।
एसपी ने बताया कि 26 अगस्त को शामली के मुख्य बाजार में बंतीखेड़ा निवासी हरियाणवी गायक अंकित बालियान की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड पुलिस के लिए बड़ी चुनौती था। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंची और वारदात के छह दिन बाद 31 अगस्त को सोनीपत निवासी शूटर सुमित और मोहित को मुठभेड़ में मार गिराया। दो अन्य शूटर आर्यन और सत्यम पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित है।
कैसे शुरू हुई विवेचना, प्रशिक्षु दरोगा सीखेंगे बारीकियां
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु दरोगाओं को बताया जाएगा कि हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने किन बिंदुओं पर जांच शुरू की। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने, सीसीटीवी फुटेज खंगालने, डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण करने और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर आरोपियों तक पहुंचने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया जाएगा। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि अलग-अलग माध्यमों से मिले सुरागों को जोड़कर पुलिस किस तरह आरोपियों तक पहुंची।
डिजिटल साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की भूमिका भी पढ़ाई जाएगी
प्रशिक्षु दरोगाओं को पाठ्यक्रम के माध्यम से यह भी बताया जाएगा कि हत्याकांड की विवेचना में डिजिटल और अन्य साक्ष्य किस तरह महत्वपूर्ण साबित हुए। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने के लिए किस तरह अलग-अलग कड़ियों को जोड़ा।