शामली। गांव टपराना में करीब दो सप्ताह पहले पुलिस पर हुए हमले की घटना को लेकर कुछ लोगों के घरों के दरवाजे पर पुलिस और उसके मुखबिर के उत्पीड़न से तंग आकर गांव छोड़कर जाने संबंधी पर्चे चस्पा मिले थे। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने दबाव बनाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए पर्चे चस्पा किए थे।
झिंझाना थानाक्षेत्र के गांव टपराना में 26 मई की रात को जिलाबदर गोकशी के आरोपी अफजल को हिरासत में लेने पर उसके परिजनों और ग्रामीणों ने हमला कर दिया था। जिसमें दो सब-इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने 45 नामजद और 90 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अभी तक पुलिस अफजल समेत 28 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दो आरोपी कोर्ट में सरेंडर कर जेल जा चुके हैं। इस प्रकरण को लेकर दो दिन पहले गांव टपराना में कुछ लोगों के दरवाजे पर पर्चे चस्पा मिले थे। उन पर लिखा था कि पुलिस और उसके मुखबिर द्वारा तोड़फोड़ से पीड़ित होकर गांव से जाने को मजबूर है। जानकारी मिलने पर पुलिस ने गांव में पहुंचकर पर्चे हटवा दिए थे। एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि हमले की घटना के बाद से ज्यादातर आरोपी घरों से फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही हैं। एसपी का कहना है कि पुलिस पर दबाव बनाने के लिए और गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से आरोपियों द्वारा पर्चे चिपकाने की बात सामने आई है। इस मामले में जो भी दोषी है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।