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थानाभवन चीनी मिल ने बकाया भुगतान किया

Thu, 14 Jan 2016 12:34 AM IST
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
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शामली। मौजूदा पेराई सत्र का गन्ना मूल्य घोषित करने के लिए जिले के गन्ना विभाग ने उत्तर प्रदेश गन्ना आयुक्त अजय कुमार को भेज दी है। जिले की बजाज ग्रुप की थानाभवन चीनी मिल ने पिछले साल का संपूर्ण  गन्ना बकाया भुगतान कर दिया है।
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जिले में वर्ष 2014-15 का जिले की शामली-थानाभवन, ऊन चीनी मिलों पर किसानों का गन्ने का बकाया था। बकाया भुगतान को लेकर भाकियू का प्रदेश व्यापी बेमियादी कलक्ट्रेट पर धरना जारी है। मंगलवार को रालोद ने कलक्ट्रेट में बकाया गन्ना भुगतान और नए पेराई सत्र का 350 रुपये प्रति कुंतल गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था।

सोमवार को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत भाकियू के धरना स्थल पर पहुंचकर जिले के चीनी मिलो के महाप्रबंधकों और जिला गन्नाधिकारी डाक्टर अनिल कुमार भारती की मौजूदगी में बुलाकर किसानों के बकाया गन्ना भुगतान के संबंध में वार्ता की थी। चीनी मिलों के अधिकारियों ने 37 करोड़ रुपये का  एक सप्ताह में बकाया भुगतान कराने का आश्वासन दिया था। थानाभवन चीनी मिल के अधिकारियों ने वर्ष 2014-15 का बकाया पांच करोड़ 42 लाख रुपये का भुगतान 24 घंटे में कराने का आश्वासन दिया था। 
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बुधवार को बजाज ग्रुप की थानाभवन चीनी मिल ने 5करोड़ 42 लाख रुपये का बकाया किसानों का भुगतान कर पिछले सत्र का संपूर्ण भुगतान साफ कर दिया है। डीसीओ डाक्टर अनिल भारती ने बताया कि शामली चीनी मिल पर 53 करोड़ 10 लाख रुपये, ऊन चीनी मिल पर 28.81 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने बताया कि मौजूदा सत्र का गन्ना मूल्य घोषित करने के लिए जिला गन्ना विभाग ने प्रदेश के गन्ना आयुक्त को अपनी सिफारिश रिपोर्ट भेज दी है।

  तौल लिपिकों की हड़ताल
शामली । ऊन चीनी मिल के 33 तौल लिपिक मानदेय और अन्य मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल पर चले गए। चीनी मिल ने तौल लिपिकों की वैकल्पिक व्यवस्था की थी। सुपीरियर फूड ग्रेन लिमिटेड ऊन चीनी मिल के अधिकारियों ने डीएम ओपी वर्मा को अवगत कराया कि सोमवार को वाह्य गन्ना खरीद केंद्रों पर तैनात सभी तौल लिपिक अपनी मंागों को लेकर बेमियादी हड़ताल पर चले गए थे।

 तौल लिपिकों ने चेतावनी दी थी कि वह न तौल करेंगे न ही अन्य किसी को करने देंगे। चीनी मिल की ओर से वाह्य गन्ना खरीद केंद्रों पर वैकल्पिक तौल लिपिकों की व्यवस्था का दावा किया गया था। डीसीओ ने बताया कि ऊन चीनी मिल के तौल लिपिकों का मानदेय व अन्य समस्याएं थीं। बुधवार को मामले को सुलझा लिया। तौल लिपिकों की हड़ताल समाप्त हो गई है।
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