शामली/बाबरी। हिरनवाड़ा प्रकरण के तूल पकड़ते ही पुलिस प्रशासन की नींद खुल गई। 24 घंटे के भीतर दो बार शांति समिति की बैठक आयोजित कर ग्रामीणों से पुलिस ने बात की।
गांव में अभी भी तनावपूर्ण माहौल है। मंगलवार को एएसपी भी बाबरी थाने में पहुंचे और शांति समिति की बैठक में आए ग्राम प्रधानों तथा जिम्मेदार लोगों से बातकर उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया। पुलिस-प्रशासन ने दलितों के जख्मों पर मरहम लगाने की कोशिश की।
बाबरी थानाक्षेत्र के गांव हिरनवाड़ा में असामाजिक तत्वों ने दलित समाज के बिटौड़ों तथा भूस के कूप में आग लगा दी थी। इसके बाद से गांव में तनाव उत्पन्न हो गया था।
पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की। हालांकि पुलिस ने मामले को हलके में लेकर टाल दिया, जिसके बाद दोबारा गांव में इस तरह की घटना हुई। इस पर पीड़ितों ने डीआईजी से मामले की शिकायत की। डीआईजी से शिकायत होने के बाद प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई।
मंगलवार को भी हिरनवाड़ा गांव में तनावपूर्ण शांति रही। वहीं, शाम को बाबरी थाने में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एएसपी जगदीश शर्मा ने ग्राम प्रधानों से बात की।
उन्होंने हिरनवाड़ा में हुई घटना के संबंध में लोगों से बातचीत कर उनका मन टटोला। एएसपी जगदीश शर्मा ने कहा कि बाबरी थाने में रुटीन के तहत शांति समिति की बैठक आयोजित की गई तथा लोगों की समस्याओं को सुना गया। बैठक में सीओ थानाभवन सुुनील कुमार त्यागी, थानाध्यक्ष समय सिंह, अमित शर्मा, बिल्लू प्रधान, मेहरबान, बॉबी, प्रताप ठाकुर, बबलू, अंसार, मसिउल्लाह, रमेश सहित आदि लोग मौजूद रहे।