शामली। बनत नगर पंचायत बोर्ड की बैठक में दस सदस्यों ने चेयरमैन के पति पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर बहिष्कार कर दिया। सभी सदस्यों ने आरोपों की जांच करने के लिए समिति गठित करने की मांग की ।
शुक्रवार को बनत नगर पंचायत कार्यालय के सभागार में चेयरमैन कुसुम देवी की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक में 14 में से 11 सदस्य उपस्थित हुए। बोर्ड बैठक के दौरान दस सदस्यों ने नगर पंचायत चेयरमेन के पति पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर बैठक छोड़ दी। सभी दस सदस्यों ने अधिशासी अधिकारी देवकी नंदन को ज्ञापन सौंपा।
जिसमें कस्बे में पेयजल के लिए फ्रिजर के प्याऊ लगाने का प्रस्ताव सर्व सम्मति से पास हुआ था। इस प्रस्ताव को डीएम को नहीं भेजा गया। आरोप है कि एक स्प्रे टैंकर व एक डस्टबिन हटाने वाली मशीन का किसी भी बोर्ड बैठक में कोई प्रस्ताव पास नहीं किया गया। नगर पंचायत के पास पहले से ही स्प्रे टैंकर मौजूद थे। बाजार से सामान तीन गुणा दामों पर खरीद गया है। आरोप लगाया कि चेयरमैन महीने में सिर्फ एक दिन आती हैं। 29 दिन चेयरमेन पति ही अध्यक्ष की कुर्सी पर आकर बैठते हैं। सदस्यों के प्रस्ताव पर सड़कें, नई लाइटें, सीमा बोर्ड का सुंदरीकरण नहीं कराया है। सदस्यों ने डीजल में भी भ्रष्टाचार और गड़बड़ी का आरोप लगाया।
बोर्ड बैठक का बहिष्कार करने वालों में सदस्यों में नीरज पाल, दीपक कुमार पाल, इकराम अली, अमरेश, अजय कुमार, कल्लू, शर्मिला, सुनीता शामिल रही। बाद में बनत नगर पंचायत अध्यक्ष कुसुम देवी के पति धर्मवीर सिंह ने विरोधी सदस्यों के बोर्ड बैठक के बहिष्कार की बात स्वीकार की।। उन्होंने बताया कि जल्दी ही बोर्ड बैठक की तिथि घोषित की जाएगी।