शामली/चौसाना/झिंझाना। जिले में दूसरे दिन भी बूंदाबांदी और तेज हवा चलने से तापमान में गिरावट आई है। वहीं मौसम में ठिठुरन बनी रही। पिछले 24 घंटे में दिन के अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस और रात के न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आई। जिले का अधिकतम तापमान 16 और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा। चौसाना क्षेत्र में बारिश के साथ तूफान से पेड़ टूटकर गिरने से करीब 20 घंटे विद्युत आपूर्ति ठप रहने से लोग परेशान रहे।
जिले के मौसम में आए बदलाव के कारण बुधवार रात बारिश हुई। वहीं बृहस्पतिवार सुबह भी रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। दोपहर तक कई बार बूंदाबांदी होने से मौसम ठंडा हो गया। जिले में झिंझाना व चौसाना समेत कई स्थानों पर बारिश भी हुई और तेज हवा चली। बूंदाबांदी व ठंडी हवा चलने से मौसम में ठिठुरन बनी रही। लोग गर्म ऊनी कपड़ों में लिपटे रहे। बूंदाबांदी से सड़कों पर कीचड़ बनने से कई स्थानों पर दुपहिया वाहन फिसलकर गिरे। जिले के तापमान में गिरावट आई है।
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बारिश-तूफान से पेड़ टूटकर बिजली लाइन पर गिरा
चौसाना में मंगलवार रात हुई बारिश व तूफान के कारण कई स्थानों पर पेड़ टूटकर विद्युत लाइनों पर जा गिरे, जिससे लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। इनको ठीक करने में विद्युत कर्मचारियों को 20 घंटे से भी ज्यादा का समय लगा। चौसाना, खोड़समा, दथेड़ा, शामली-शामला, खेड़ी खुशनाम व भोगीमजरा स्थित उपकेंद्र के अन्तर्गत आने वाले करीब 30 गावों में 20 घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। विद्युत आपूर्ति ठप होने से करीब तीन हजार उपभोक्ताओं को परेशानी आई। जेई व तकनीशियन ने बताया गांव टोडा, भोगीमाजरा, खोड़समा, गंगारामपुर, लक्ष्मीपुरा, जिजौला आदि गावों में बिजली के खंभों पर पेड़ गिरने से परेशानी आई। शाम चार बजे तक सभी गावों में आपूर्ति सुचारू हो सकी।
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गड्ढों में पानी भरने से राहगीर रहे परेशान
झिंझाना में बूंदाबांदी से मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ डेयरी चौक से लेकर ऊन रोड सीएचसी तक सड़क में बने गड्ढ़ों में पानी भरने से राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। स्कूल आने जाने वाले छात्र-छात्राएं भी कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर रहे।