शहीद की शहादत पर मिली सहायता राशि पर टैक्स
शामली। आज से ठीक एक साल पूर्व जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में जनपद शामली के दो जवान प्रदीप कुमार और अमित कोरी शहीद हुए थे। शहीद हुए जवानों की शुक्रवार को पहली पुण्य तिथि मनाई जाएगी। शहीद के परिजनों में अपने लाडलों को खोने का गम तो है, लेकिन देश के लिए बलिदान होने का गर्व उनके चेहरों पर झलकता है। शहीद के परिजनों का कहना है कि सरकार की तरफ से दी मदद से संतुष्ट हैं, मगर अन्य संस्थाओं और समाज से मिली सहायता राशि पर सरकार इनकम टैक्स ले रही है, ये क्या उचित है।
शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी अमित कोरी और कस्बा बनत निवासी प्रदीप कुमार 14 फरवरी 2019 में पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए थे। उनकी शहादत को लेकर लोग गम में डूब गए थे, लेकिन साथ ही इस बात को लेकर गर्व था कि जनपद के दो लाडलों ने भी देश के लिए बलिदान दिया। शुक्रवार को पहली पुण्यतिथि पर शहीद अमित कोरी के कुड़ाना रोड स्थित आवास पर सुबह 10 बजे हवन किया जाएगा और श्रद्धांजलि दी जाएगी। कस्बा बनत निवासी दिनेश कुमार, ओम सिंह और अंकित ने कहा कि देश के वीर सपूतों को वे नमन करते है। जिले के दो जवानों ने देश के लिए बलिदान दिया है। यह हम सब के लिए गर्व की बात है।
- पूरी हुई सरकार की घोषणाएं - सोहनपाल
कुडाना रोड शामली निवासी शहीद अमित कोरी के पिता सोहनपाल सिंह ने बताया कि सरकार ने मदद के लिए जो घोषणाएं की थी, वे सब पूरी हुई हैं। आर्थिक मदद और शहीद के एक भाई सुुनील को सरकारी नौकरी मिल गई है। शहीद के नाम पर मार्ग का नाम रखने की प्रक्रिया चल रही है। स्मारक का भी निर्माण कार्य चल रहा है। अगले महीने 23 मार्च को शहीद स्मारक का लोकार्पण होगा।
बेटे को याद कर भावुक हुई मां
शहीद अमित कोरी की मां उर्मिला बेटे को याद कर भावुक हो गईं। बोली, बेटा उन्हें छोड़कर हमेशा के लिए चला गया। आज एक साल हो गया है। बेटे के जाने का गम जिंदगी भर रहेगा, लेकिन उनका बेटा देश के काम आया, यह उनके लिए गर्व की बात है।
बेटे ने देश के लिए दिया बलिदान
कस्बा बनत निवासी शहीद प्रदीप कुमार के पिता जगदीश प्रजापति ने कहा कि शासन-प्रशासन ने की तरफ से मिली मदद से वह संतुष्ट हैं, लेकिन अन्य संस्थाओं या समाज के लोगों ने जो सहायता राशि दी है, उस पर सरकार इनकम टैक्स ले रही है। जवान की शहादत पर टैक्स कहां का सम्मान है। मां सुलेनता ने प्रदीप को याद करते हुए कहा कि उन्हें बेटे को खोने का गम तो ताउम्र रहेगा, लेकिन गर्व की बात ये है कि बेटे ने देश के लिए बलिदान दिया है।
शहीद के नाम पर गर्ल्स इंटर कालेज की इच्छा
शहीद प्रदीप के पिता जगदीश प्रजापति और मां सुलेनता ने कहा कि उनकी इच्छा है कि उनके शहीद बेटे प्रदीप के नाम से बनत में लड़कियों के लिए इंटर कालेज बनाया जाए। यह इच्छा उन्होंने अधिकारियों के सामने पहले भी जताई थी, हालांकि यह सरकार के निर्णय पर ही निर्भर है। उन्होंने बताया कि कस्बे में बनत - किरोड़ी मार्ग पर शहीद प्रदीप कुमार के नाम से गेट बनाने का कार्य चल रहा है।
सिद्धार्थ की नौकरी के लिए तीन साल का समय लिया
जगदीश प्रजापति ने बताया कि शहीद प्रदीप कुमार की पत्नी शर्मिष्ठा व उनके दोनों बेटे सिद्धार्थ और विजयंत गाजियाबाद में ही रहकर पढ़ाई कर रहे है। सिद्धार्थ इंटर करने के बाद सीए की तैयारी कर रहा है जबकि विजयंत 10वीं में पढ़ रहा है। सिद्धार्थ की नौकरी के लिए तीन साल का समय लिया गया है ताकि वह ग्रेजुएशन पूरी कर सके।
शामली अमित कोरी की निर्माणाधीन समाधी- फोटो : SHAMLI
शामली बनत में शहीद प्रदीप का फोटो देखते पिता जगदीश प्रशाद व माता सुरेनता व परिजन- फोटो : SHAMLI
शामली बनत करौडी मार्ग पर शहीद प्रदीप के नाम से र्निमाणाधीन गेट- फोटो : SHAMLI