शामली। 500-1000 के नोट बंद होते ही लोगों की भीड़ की बैंकों में बदलने के लिए दौड़ पड़ी। कुछ लोगों की तेजी और कुछ बैंकों की अव्यवस्थाओं के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही। इसके चलते जिले में कई जगह पुलिस को बैंकों पर हंगामे की सूचना भी मिली। बैंकों में और बाहर व्यवस्था संभालने में पुलिस को भी पसीना आ गया।
शुक्रवार को भी बैंकों में नोट बदलने, जमा करने और निकालने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। इसी आपाधापी के चलते कई जगह आपस में बैंकों के बाहर लगी लाइन में लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। जिसके चलते जमकर हंगामा हुआ। गांव बलवा में युवाओं ने जमकर हंगामा किया। वहीं, शामली में स्टेट बैंक के बाहर लाइन में लगे लोगों ने भी हंगामा किया।
यही नहीं नगर में भी बैंकों के बाहर हंगामे की सूचनाओं पर शामली कोतवाली पुलिस दौड़ती नजर आई। उधर, कोतवाली प्रभारी सतीश राय का कहना है कि बैंकों के बाहर फोर्स को तैनात किया गया है, जो चौकसी के साथ ड्यूटी कर रही है। यदि कोई बात होती है तो सूचना आने पर पुलिस जाती है।
500 के नोट ने करा दी मारपीट
कांधला। पांच सौ रुपये के नोट ने मारपीट करा दी। बस स्टैंड के पास एक ग्राहक ने ठेले वाले से फल खरीदे। खुले पैसे नहीं देने पर फल विक्रेता से उसका विवाद हो गया।
आरोप है कि फल विक्रेता और उसके साथियों ने ग्राहक और उसके साथी को डंडों से पीटकर घायल कर दिया। पीड़ित ने कांधला थाना पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। कस्बा कैराना सन राइज संस्था के अध्यक्ष हारुन मलिक अपने साथी शहजाद के साथ किसी कार्य के लिए बृहस्पतिवार को मेरठ गया था।
देर शाम वह दोनों कांधला बस स्टैंड पर पहुंचे तो हारुन फल खरीदने के लिए एक ठेली वाले के पास पहुंचा। फल खरीदने पर हारुन ने पांच सौ का नोट दिया। ठेली वाले ने नोट लेने से मना कर दिया, जिस पर कहासुनी के बाद दोनों में मारपीट हो गई। आरोप है कि ठेले वाले ने अपने कॉल करके अपने कुछ साथी वहां बुला लिए। इसके बाद हारुन और शहजाद को पीटकर घायल कर दिया। सूचना पुलिस पहुंची, तो मारपीट करने वाले आरोपी मौके से फरार हो गए।
बिजली दफ्तर पर लगी रही लाइन
शामली। विद्युत बिल भुगतान कराने की स्थिति यह रही कि सिटी बिजली दफ्तर, दयानंदनगर स्थित दफ्तर पर दिनभर भारी भीड़ रही।
इतना ही नहीं बिल भुगतान की मोबाइल वैन दिनभर शहर में घूमती थी, तो इक्का दुक्का उपभोक्ता ही मोबाइल वैन पर बिल भुगतान कर पाते थे। शुक्रवार को जिल में मोबाइल वैन जहां भी पहुंची, वहां बिल भुगतान कराने वाले उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लगी रही। खास बात यह है कि अधिकांश उपभोक्ता पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट लेकर बिल भुगतान कराने पहुंच रहे हैं। कुछ लोगों का पुराने नोटों से ही बिल को जमा हो रहा है। कुछ समस्या तो दूर होगी।