कैराना। कर्मचारियों की पीएफ धनराशि धोखाधड़ी कर अपने निजी खातों में जमा कराने के मामले में नगर पालिका के लिपिक विपुल पंवार को निलंबित कर दिया गया। उन्हें अब कर संग्रह विभाग में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
आरोप है कि लिपिक ने कर्मचारियों की सूची बैंक को सही भेज दी, लेकिन ऑनलाइन ट्रांसफर के दौरान पात्र कर्मचारियों के नाम और खाते की जगह अपनी पत्नी और भाभी के नाम और बैंक खाते दर्ज कर दिए। इस कारण कर्मचारियों की पीएफ राशि उनके खातों में चली गई।
जब यह मामला सामने आया तो कर्मचारियों ने पांच अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में यह भी पाया गया कि लिपिक ने कार्यालय आदेशों की अवहेलना की। पत्रावलियों का सही रखरखाव नहीं किया, सामूहिक बीमे की किस्त समय पर जमा नहीं कराई और कंप्यूटर से छेड़छाड़ की। नगर पालिका चेयरमैन शमशाद अहमद ने मंगलवार को निलंबन आदेश जारी कर बताया कि निलंबन अवधि में लिपिक को केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, महंगाई भत्ते पर रोक रहेगी।