फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्वजों के मोक्ष की कामना के लिए किया तर्पण

विज्ञापन
जलालाबाद गंदेवड़ा यमुना नहर में पितृ अमावस्या पर पिंडदान करते श्रद्धालु। - फोटो : SHAMLI
विज्ञापन
पूर्वजों के मोक्ष की कामना के लिए किया तर्पण
विज्ञापन

शामली/कैराना/जलालाबाद। पितृ विसर्जन अमावस्या पर लोगों ने अपने पूर्वजों के लिए मोक्ष की कामना की। कैराना में यमुना तथा जलालाबाद में गंदेवड़ा नहर संगम पर लोगों ने स्नान किया। यहां ब्राह्मणों से पिंड दान कराया। उधर, कोरोना के चलते इस बार घरों में ब्राह्मण भोज का आयोजन नहीं किया गया।
बृहस्पतिवार को पितृ विसर्जन अमावस्या पर लोगों ने अपने पूर्वजों के मोक्ष की कामना की। उनके लिए भोजन तैयार कर कौओं को परोसा गया। इससे पहले मंदिरों में जाकर पीपल वृक्ष पर जल अर्पण किया गया। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते ब्राह्मण भोज का आयोजन नहीं किया गया। ब्राह्मणों को दान आदि देकर पूर्वजों के मोक्ष की प्रार्थना की गई। उधर, यूपी-हरियाणा सीमा पर स्थित यमुना नदी में दोनों प्रदेशों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने यमुना नदी में स्नान किया। सुबह से ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने यमुना में स्नान करने के साथ ही सूर्य को अर्घ्य अर्पण किया तथा यमुना में पुष्प आदि चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। कुछ श्रद्धालुओं ने श्राद्ध अमावस्या पर मुंडन कराने के पश्चात ही अपने पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए पूजा अर्चना की। बाद में श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की मोक्ष प्राप्ति के लिए ब्राह्मणों को मिष्ठान, वस्त्र व दक्षिणा आदि भेंट की तथा पिंडदान कराया। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से यमुना किनारे पर पुलिस कर्मी तैनात रहे। इस अवसर पर यमुना किनारे प्रसाद तथा बच्चों के खेल खिलौनों की दुकानें लगी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जलालाबाद के गंदेवडा संगम स्थल नहर पर श्रद्धालुओं ने स्नान कर ध्यान पूजा-पाठ कर अपने देव पितरों का तर्पण किया। संगम स्थल पर प्रात: से क्षेत्र के थानाभवन, जलालाबाद , भनेड़ा उद्दा, जानीपुर, गंदेवड़ा , कुआंखेड़ा, सोहंजनी, उमरपुर, अहमदपुर, सहारनपुर क्षेत्र के गंगोह, तीतरो आदि स्थानों से आए लोगों ने संगम स्थल पर पितरों को श्रद्धांजलि, पिंडदान व पितृ पाठ आदि ब्राह्मणों से संकल्प कराकर किया। पंडित केवलानंद शास्त्री, पंडित अशोक कुमार कुआंखेड़ा, पंडित राजेंद्र शास्त्री भनेेड़ा, पंडित चंद्रमोहन शास्त्री आदि ने सामूहिक यज्ञ भी संगम स्थल पर कराया। उधर, संगम स्थल पर ग्राम प्रधान ने पूरी तरह से घाटों की सफाई का कार्य कई दिन पहले से कराना प्रारंभ कर दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें