शामली। खरीफ सीजन में लक्ष्य के सापेक्ष ज्यादा यूरिया की आपूर्ति होने के बावजूद जिले में यूरिया की किल्लत बनी हुई है। कई समितियों पर यूरिया है ही नहीं, जहां है वहां पर भी चार से पांच बैग ही किसानों को दिए जा रहे हैं। सवाल यह है कि ज्यादा यूरिया वितरण हुआ तो गया कहां।
जनपद में इन दिनों यूरिया को लेकर हंगामा मचा हुआ है। किसानों को जरूरत है, लेकिन उन्हें पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रहा। सहकारिता विभाग के आंकड़ों के अनुुसार खरीफ सीजन में समितियों पर लक्ष्य से ज्यादा यूरिया भेजा गया है। एक अप्रैल से 31 अगस्त तक सात हजार 952 मीट्रिक टन यूरिया का लक्ष्य था। जिसके सापेक्ष 13 हजार 10 मीट्रिक टन की आपूर्ति हुई है। लक्ष्य के सापेक्ष समितियों पर 163 प्रतिशत आपूर्ति की गई है। एआर कोऑपरेटिव राजवीर सिंह का कहना है कि समितियों पर यूरिया का संकट नहीं है। जहां से मांग आ रही है वहां आपूर्ति की जा रही है। अभी जिले में करीब 1372 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक है।
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ज्यादा खाद लेने वालों की जांच में लेटलतीफी
जिले में ज्यादा यूरिया लेने वाले किसानों की जांच के मामले में लेटलतीफी की जा रही है। जिले में 19 किसानों ने करीब 389 मीट्रिक टन यूरिया उठाया था। इन किसानों की सूची भारत सरकार से जिले को जांच के लिए भेजी गई, लेकिन इसकी अभी जांच पूरी नहीं हुई है। इतना यूरिया कहां गया और किस लिए उठाया गया इसका अभी पता नहीं लगाया जा सका है।
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इन्होंने कहा...
जिले में यूरिया की कमी नहीं है। किसानों को जरूरत के हिसाब से यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में भी पर्याप्त स्टॉक है। यदि कोई उर्वरक विक्रेता उर्वरक के साथ अन्य कोई दवा देता है तो उसकी शिकायत करें, तुरंत कार्रवाई की जाएगी। - डा. हरिशंकर सिंह, जिला कृषि अधिकारी