शामली। जिला पंचायत की तरह गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी पार्टी प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के सामने नामांकन करने वाले विकास कुमार को समझा बुझाकर खुद साथ जाकर उसका नामांकन वापस कराया। इसके बाद जसाला में पूर्व मंत्री विरेंद्र सिंह के पास पहुंचकर कांधला प्रत्याशी को जिताने के लिए मंथन किया और थानाभवन में भी भाजपा प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए रणनीति तय की।
भाजपा ने जिला पंचायत चुनाव में गन्ना मंत्री सुरेश राणा को चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने भाजपा के पक्ष में जिला पंचायत सदस्यों की संख्या चार से बढ़ाकर दस तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई, जिससे भाजपा को जीत मिली। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी भाजपा की रणनीति पांचों ब्लॉकों में ज्यादा से ज्यादा अपने प्रत्याशियों को निर्विरोध जिताने की थी। कैराना में एकल नामांकन के बाद ऊन पर निगाह लगी हुई थी। ऊन में भाजपा प्रत्याशी रामपाल सिंह के सामने नामांकन करने वाले विकास कुमार को समझाने के लिए गन्ना मंत्री खुद पहुंचे। घंटों की मशक्कत के बाद विकास कुमार नाम वापसी के लिए राजी हो गए। गन्ना मंत्री ने विकास कुमार के साथ ब्लॉक कार्यालय तक जाकर उनका नामांकन वापस कराया। इसके बाद सुरेश राणा जसाला में पूर्व मंत्री विरेंद्र सिंह के आवास पर पहुंचे। वहां भाजपा प्रत्याशी की जीत को लेकर पूर्व मंत्री विरेंद्र सिंह से चर्चा की। इसके साथ ही थानाभवन में भी भाजपा प्रत्याशी प्रियंका की जीत के लिए रणनीति तैयार की।
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कांधला में होगा कांटे का मुकाबला
शामली। कांधला ब्लॉक में भाजपा प्रत्याशी मांगेराम मलिक के सामने नामांकन दाखिल करने वाले विनोद मलिक पूरी ताकत से चुनाव में डटे हैं। विनोद मलिक भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री विरेंद्र सिंह के बेहद करीबी हैं। बताया जाता है कि विरेंद्र सिंह पहले उन्हें भाजपा से ब्लॉक प्रमुख का टिकट दिलाना चाहते थे। इसे देखते हुए विनोद मलिक ने बीडीसी सदस्यों का समर्थन भी जुटाना शुरू कर दिया था। ऐन वक्त पर भाजपा ने मांगेराम मलिक को प्रत्याशी घोषित कर दिया। उधर, विनोद मलिक भी कदम पीछे हटाने को तैयार नहीं हुए। माना जा रहा था कि भाजपा नेता पूर्व मंत्री विरेंद्र सिंह के माध्यम से विनोद मलिक को नामवापसी के लिए मना लेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं। विनोद मलिक पूरी ताकत से मैदान में डटे हैं। शुक्रवार शाम को गन्ना मंत्री सुरेश राणा भी जसाला पहुंचे और विरेंद्र सिंह से चर्चा की लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला।