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Shamli News: जिले की चीनी मिलों पर 266.94 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया

Sun, 15 Mar 2026 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। जिले की चीनी मिलों पर किसानों का 266.94 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है। गन्ने की कमी के कारण जिले की चीनी मिलों के खरीद केंद्र बंद होने लगे हैं। मिलें अपनी क्षमता के मुकाबले करीब आधी क्षमता पर ही पेराई कर रही हैं। बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल के आठ गन्ना खरीद केंद्र बंद हो चुके हैं। गन्ना विभाग के अनुसार थानाभवन और ऊन चीनी मिल के इस माह बंद होने की संभावना है।
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गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले पेराई सत्र 2024-25 में थानाभवन चीनी मिल ने एक करोड़ सात लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चार अप्रैल 2025 को पेराई सत्र समाप्त किया था। ऊन चीनी मिल ने 83 लाख 15 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई कर छह अप्रैल 2025 को सत्र बंद किया था। वहीं शामली चीनी मिल ने 85 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर 17 मई 2025 को अपना पेराई सत्र समाप्त किया था।
थानाभवन चीनी मिल 90 हजार क्विंटल प्रतिदिन पेराई क्षमता के सापेक्ष 40 से 42 हजार क्विंटल प्रतिदिन की दर से चल रही है। इसी प्रकार शामली चीनी मिल 75 हजार क्विंटल क्षमता के मुकाबले करीब 54 से 55 हजार क्विंटल प्रतिदिन गन्ने की पेराई कर रही है। वहीं ऊन चीनी मिल भी अपनी क्षमता से कम पर चल रही है।
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थानाभवन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक लेखपाल सिंह ने बताया कि मिल को प्रतिदिन 50 प्रतिशत से भी कम गन्ना मिल रहा है। गन्ने के अभाव में मिल के आठ खरीद केंद्र बंद हो चुके हैं। इनमें पढ़ेड़, कैराना, इस्सौपुर खुरगान, पीपलहेड़ा, अकबरपुर सुन्हेटी और झिंझाना सहित अन्य केंद्र शामिल हैं।

डीसीओ रणजीत सिंह कुशवाहा के अनुसार थानाभवन मिल लगभग 22 मार्च, ऊन मिल 25 मार्च और शामली मिल करीब 20 अप्रैल तक अपना पेराई सत्र समाप्त कर सकती है। जल्द किसानों का बकाया भुगतान कराने को कहा गया है।

सबसे ज्यादा थानाभवन मिल पर 178.87 करोड़ रुपये बकाया
जिले की चीनी मिलों पर इस साल कुल 266.94 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। इनमें सबसे ज्यादा 178.87 करोड़ रुपये थानाभवन चीनी मिल पर बकाया है। ऊन चीनी मिल पर 52.17 करोड़ रुपये और शामली चीनी मिल पर 35.90 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है। शामली चीनी मिल सात फरवरी तक और ऊन चीनी मिल तीन फरवरी तक का गन्ना भुगतान कर पाई है।
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बोले किसान
विनय चौधरी ढिंढाली का कहना है कि शुगर मिल पर लगभग चार लाख रुपये का भुगतान बकाया है। जल्द भुगतान होना चाहिए।

नीरज चौधरी ऊन का कहना है कि तीन फरवरी तक का भुगतान किया गया है, जबकि डेढ़ लाख रुपये से अधिक का भुगतान अभी भी बकाया है।
सत्यवान चौधरी ऊन का कहना है कि लगभग तीन लाख रुपये का गन्ना भुगतान मिल पर बकाया है। जल्द भुगतान होना चाहिए।
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