शामली शुगर मिल में धरने पर किसानों से वार्ता करते जीएम।
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शामली। अपर दोआब शुगर मिल शामली के श्रमिकों और मिल प्रबंधन के बीच चल रहे विवाद का पटाक्षेप छह दिन बाद हो गया। जिला प्रशासन ने मिल कर्मियों और प्रबंधन की मीटिंग कराई, जिसमें कहा गया कि विवाद में किसानों और श्रमिकों को परेशानी हो रही है, जो ठीक नहीं है। लिहाजा शुगर मिल में गन्ना पेराई शुरू कराई जाए और श्रमिकों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन करा दिया। यह कमेटी 14 दिन के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।
शुगर मिल कर्मचारी संघ द्वारा छह दिन से शामली शुगर मिल में धरना प्रदर्शन किया जा रहा था, बृहस्पतिवार से हड़ताल शुरू कर दी गई। श्रमिकों का कहना था कि उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तो आंदोलन चलता रहेगा। वहीं, पेराई बंद होने की वजह से किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया। खेतों में गन्ना खड़ा है और कट चुका गन्ना बुग्गी और ट्रैक्टर ट्रॉलियों में लदा हुआ है। इस वजह से किसानों ने भी आंदोलन करने का एलान कर दिया था।
ऐसी परिस्थिति में जिला प्रशासन ने विवाद को निपटाने का प्रयास किया। बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रभारी जिलाधिकारी यशु रुस्तगी और अपर जिलाधिकारी भरतजी पांडेय ने शुगर मिल कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और शुगर मिल अधिकारियों के साथ बैठक की। उसमें सीडीओ यशु रुस्तगी ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद कहा कि शुगर मिल कर्मचारी राम निवास के विरुद्ध पूर्व में मिल प्रबंधन द्वारा की गई कार्रवाई की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाए। उसमें जिला गन्ना अधिकारी अनिल भारती, उपजिलाधिकारी एमपी सिंह, सहायक श्रमायुक्त घनश्याम सिंह, चीनी मिल कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि राजीव शर्मा तथा शुगर मिल प्रतिनिधि को शामिल किया गया। यह कमेटी 14 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को देगी। तब तक शुगर मिल में पेराई बंद नहीं रहेगी।
इस पर शुगर मिल कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने भी सहमति जताई। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार झा, उपजिलाधिकारी एमपी सिंह, सहायक श्रमायुक्त घनश्याम सिंह, मिल प्रतिनिधि एसके सिंह रघुवंशी, आरएस सहरावत, कर्मचारी संघ के नेता, शंकर लाल, राम निवास यादव, सुरेन्द्र शर्मा, केके शर्मा, नरेश सिंह निर्वाल आदि उपस्थित रहे।