- पहली बार नए सत्र से ही नई पुस्तक पढ़ेंगे छात्र-छात्राएं, चार लाख किताबें पहुंची
- 7,64,861 किताबों की कर रखी है मांग, कक्षा तीन से आठ तक के छात्रों को मिलेगी किताबें
- कक्षा एक व दो के बच्चों को अभी किताबों का करना होगा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। पहली बार ऐसा होगा कि छात्र-छात्राओं को एक अप्रैल से नई किताबों के साथ स्कूल पहुंचना होगा। क्योंकि अभी तक सत्र शुरू हो जाता था, लेकिन छात्र किताबों का इंतजार करते रहते थे। इस बार तो छात्र-छात्राएं एक अप्रैल से नई किताबों के साथ स्कूल में प्रवेश करेंगे। जनपद में चार लाख किताबें पहुंच चुकी है और इनका आवंटन शुरू हो गया है। शिक्षा विभाग ने 7 लाख 64 हजार 861 किताबों की शासन से मांग कर रखी है, जो धीरे-धीरे पहुंच रही है।
जनपद में कुल 716 परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक कुल 96 हजार 89 के करीब छात्र-छात्राएं है और इनमें कक्षा तीन से आठ तक के छात्र-छात्राओं को किताबों को वितरण होना है। नए शिक्षा सत्र 2023- 24 में एक अप्रैल से 10 अप्रैल तक बच्चों को निशुल्क किताबों का वितरण किया जाएगा। कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों को 7,64,861 किताबें बांटी जानी है। इसके सापेक्ष जनपद में 4,03345 किताबों की सप्लाई मिल गई है। शेष किताबों की आपूर्ति भी 30 मार्च तक मिल जाएगी।
कक्षा एक से दो तक के बच्चों के लिए एनसीईआरटी द्वारा किताबों की आपूर्ति की जानी है और इनके लिए किताबों का आर्डर दिया गया है। कक्षा एक व दो में निपुण भारत अभियान के तहत पढ़ाई कराई जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस बार छात्र-छात्राओं को इस बार पहले इसलिए किताबों का वितरण किया है, ताकि वह पढ़ाई में पीछे न रह सकें। उनका कोर्स भी समय से पूरा हो जाएगा। हर बार किताबों का देरी से वितरण होने के कारण उनकी पढ़ाई बाधित होती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। शिक्षा विभाग के पास जैसे-जैसे किताबें आ रही है वह उनको संबंधित स्कूलों में भेजे रहे है, जिससे उनकी एक अप्रैल से ही पढ़ाई कराई जा सके।
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जनपद में चार लाख के करीब किताबें आ चुकी है और रोजाना किताबें आ रही है। जैसे ही उनके पास किताबें आ रही है तो वह उनको स्कूलाें में भेज रहे है। एक अप्रैल से सभी छात्र-छात्राओं के हाथों में किताबें होंगी। वह अपनी पढ़ाई शुरू कर देंगे। कक्षा एक व दो के छात्रों को एनसीईआरटी की किताबें देने का आदेश है, लेकिन अभी तक कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं।- अमित कुमार, जिला समन्वयक, शामली।