यूक्रेन में फंसा जलालाबाद निवासी एमबीबीएस का छात्र ईशू सिद्धार्थ पाल।
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जलालाबाद। यूक्रेन के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इन हालात में वहां पढ़ रहे भारतीय छात्र खौफ में है। जबकि यहां उनके परिजन परेशान हैं।
कस्बे के समाजसेवी डॉ. धर्मवीर पाल का पुत्र ईशू सिद्धार्थ पाल 27 नवंबर 2019 को यूक्रेन में एमबीबीएस करने के लिए गया था। 3 अप्रैल 2021 को इशू अपनी दादी के देहांत पर कुछ दिनों के लिए छुट्टी आया था और नवंबर में वापस चला गया। जब वह यूक्रेन गया तो लॉकडाउन लग गया था और अब वहां पर युद्ध की स्थिति बन रही है। डॉ. धर्मवीर पाल के पुत्र ईशू सिद्धार्थ पाल ने अपनी माता कुसुमलता पाल को फोन पर बताया कि कल तक यहां सब कुछ ठीक था, सामान्य स्थिति नजर आ रही थी। लेकिन आज यहां के हालात ठीक नहीं है, यहां सही आसार नजर नहीं आ रहे हैं। यहां पर गोला बारी शुरू हो गई। ईशू ने बताया कि सब छात्रों को कई दिनों से उनके कमरों से बाहर निकलना बंद किया हुआ। जिससे उनको खाने-पीने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ईशू की माता कुसुमलता पाल जो भाजपा में महिला मोर्चा कि जिलाध्यक्ष है। उन्होंने बताया कि जब से उन्हें गोलाबारी की सूचना मिली है, तब से परिवार के सभी लोग घबराए हुए हैं। कुसुमलता पाल ने बताया की भारत से यूक्रेन पढ़ाई करने गए सभी बच्चों को सरकार वापस भारत लाने का प्रयास कंरे। उनके खाने पीने के लिए वह सरकार से बात कर कुछ व्यवस्था कराए। मोदी योगी जी से उनकी यही गुजारिश है कि सभी छात्रों को सुरक्षित वापस ले आए। ईशू की माता कुसुमलता पाल सभी बच्चों की सलामती के लिए दिन रात पूजा-पाठ करती रहती हैं।
जलालाबाद- यूक्रेन पढ़ने गया छात्र इशू के माता पिता।- फोटो : SHAMLI